लड़कियां कैसे देती हैं आकर्षण के संकेत? – Love Romance
September 20th, 2020 | Post by :- | 263 Views
मैं उन्हें बिना कहे ये कैसे महसूस करा सकती हूं कि मैं उन्हें प्यार करती हूं? ऐसा क्या करूं, जिससे मैं ज़रूरतमंद ना नज़र आऊं? हमारे दिमाग़ में आनेवाली ऐसी बातें स्वास्थ्यकर नहीं हैं. फ़ेमिना ने इसका कारण जानने का प्रयास किया.

जब आपको किसी से प्यार होता है तो अगला क़दम होना चाहिए कि आप उस व्यक्ति के पास जाकर कहें कि आप उसके साथ डेट पर जाना चाहती हैं, है ना? पर जो सचमुच होता है वो है-अस्वीकृति के डर के चलते आप कुछ ऐसा करती हैं, ताकि वह युवक आप पर ध्यान दे और ख़ुद ही प्यार के इज़हार का पहला क़दम बढ़ाए. अधिकतर महिलाएं इस बात की हिम्मत ही नहीं जुटा पातीं कि अपनी ज़रूरतों को सटीक तरी़के से दूसरों तक पहुंचा सकें, क्योंकि हमें इस बात की ज़्यादा चिंता रहती है कि कहीं हम दयनीय या ज़रूरतमंद ना नज़र आएं.
‘‘मैं अपने बहनोई के दोस्त को पसंद करती हूं और मुझे लगता है कि वे भी मुझे पसंद करते हैं. पर मैं उन्हें सीधे-सीधे कुछ कहने का ख़तरा नहीं उठाना चाहती, क्योंकि इससे स्थिति अजीब-सी हो सकती है,’’ कहती हैं दिल्ली की स्टाइलिस्ट निहारिका सेठ. ‘‘इसलिए मैं कुछ ऐसा करती रहती हूं, ताकि हमें एक-दूसरे से मिलने का मौक़ा मिलता रहे. पर अब मैं ऊब चुकी हूं और चाहती हूं कि वे मेरा इशारा समझ जाएं.’’

आप अच्छी लड़की हैं?
दिल्ली की मैरिज काउंसलर डॉ गीतांजली शर्मा के अनुसार, महिलाएं ऐसे खेल खेलती हैं, क्योंकि उनके दिमाग़ में यह बात बैठ गई है कि ‘‘अच्छी लड़कियां पहल नहीं करतीं’’ और उन्हें डर सताता है कि वो लड़के, जो ख़ुद भी इसी सोच के साथ बड़े हुए हैं, उन्हें ‘‘खुले विचारोंवाली’’ समझ कर अस्वीकार कर देंगे. वे चेताती हैं कि इसका प्रभाव उल्टा भी हो सकता है. ‘‘आजकल लोगों के पास प्यार के लिए इतना समय नहीं होता. यदि आप अच्छी युवती होने का नाटक करती रहीं तो हो सकता वह व्यक्ति आपमें दिलचस्पी ही खो दे.’’
रिसर्च असिस्टेंट सुमना रॉय के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ. ‘‘मेरा सहकर्मी राजीव मेरी ओर बहुत आकर्षित था और वो यह कई बार जता चुका था,’’ वो बताती हैं,‘‘मुझे भी वो पसंद था, पर मैं यूं जताती थी, जैसे चिढ़ रही हूं. क्योंकि मैं आसानी से उसके क़रीब नहीं आना चाहती थी. धीरे-धीरे उसने मुझपर ध्यान देना कम कर दिया और कुछ समय बाद मुझे पता चला कि वो किसी दूसरी लड़की के साथ डेट कर रहा है.’’

ख़ुद करें पहल
रिश्ते में खेल खेलना हमारा स्वभाव है, क्योंकि ऐसा करके हम रहस्य बरक़रार रख सकते हैं या फिर इसे अस्वीकृति से बचने के लिए कवच की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं. पर मुंबई के साइकियाट्रिस्ट डॉ युसूफ़ ए माचेसवाला कहते हैं कि दुनिया बहादुर लोगों के लिए है. अत: यदि आपको कोई ऐसा युवक मिले, जिसे आप पसंद करने लगें तो खेल खेलने में समय मत गंवाइए. ‘‘यदि आपको ऐसा व्यक्ति मिले, जो आपको अच्छा लगे तो उससे अपने दिल की बात कह डालिए,’’ वे कहते हैं. ‘‘पुरुष ईमानदार व्यवहार पसंद करते हैं इसलिए इस बात की प्रबल संभावना है कि वे सकारात्मक जवाब दें. और हर लिहाज से यही बेहतर है कि रिश्तों की शुरुआत ईमानदारी से की जाए न कि खेल या रहस्यमय गतिविधियों से.’’
लड़के क्या सोचते हैं
‘‘स्पष्टवादिता से मज़ा ख़त्म हो जाता है और खेल खेलते रहने से गरमाहट बनी रहती है. ये खेल काम कर जाते हैं. जिस युवक के साथ वो ये खेल खेलती है, वो भी समझ रहा होता है कि संभवत: वो उसे पसंद करती है. मुझे किसी युवती का अप्रत्यक्ष रूप से भावनाएं व्यक्त करना पसंद आता है.’’
नितिन रोला, 26, प्रॉडक्शन मैनेजर

‘‘किसी युवती, या युवक को भी खेल खेलने के बजाय उस व्यक्ति के सामने सीधे अपनी भावनाएं व्यक्त कर देनी चाहिए, बिना यह सोचे कि सामनेवाले की प्रतिक्रिया क्या होगी. क्योंकि यदि कोई युवती किसी युवक से प्यार करती है और वह इसे समझ जाता है तो उसकी प्रतिक्रिया सकारात्मक ही होगी.’’
निशांत नायर, 24, संस्थापक, मार्केटिंग कम्यूनिकेशन कंपनी