Social media: सोशल मीडिया आपकी खुशियों को कैसे बर्बाद कर रहा है – Love Romance
September 23rd, 2020 | Post by :- | 262 Views

Social media: सोशल मीडिया दुनिया के किसी भी कोने में मौजूद व्यक्ति से आपको जोड़ सकता है और यह लोगों को शारीरिक दूरी को भुलाने में मदद करता है। हालांकि, आपकी सोशल नेटवर्किंग आदतें आपको कुछ परेशानियों में भी डाल सकती हैं, जिनकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। इसलिए सोशल मीडिया की लत डालने से पहले थोड़ा सावधान रहें। अध्ययनों के मुताबिक, सोशल मीडिया हमारे दिमाग पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है। यह हमारे सोचने-समझने की क्षमता पर असर डालता है। सोशल मीडिया आपकी दिनचर्या और आदतों को बदलता है। यह किसी व्यक्ति को भावनात्मक रूप से दुख भी पहुंचा सकता है। अगर आप सोशल मीडिया के आदी हो जाते हैं तो यह आपकी खुशियों को छीन सकता है। आइए जानते हैं सोशल मीडिया आपकी खुशियों को कैसे बर्बाद कर रहा है।

Social media: आपकी खुशियों को बर्बाद करने के लिए कैसे जिम्मेदार है सोशल मीडिया

  • अधिक पैसा खर्च करना
  • झूठी वास्तविकता
  • दूसरों की ईर्ष्या
  • आत्म-सम्मान को ठेस लगना
  • जीवन में वास्तविक बातचीत को प्रभावित करता है

अधिक पैसा खर्च करना
सोशल मीडिया लोगों को आत्म-नियंत्रण को खोने पर मजबूर करता है। यह आपको आवश्यकता से अधिक पैसा खर्च करने के लिए प्रेरित करता है। यह उन लोगों में अक्सर होता है जो सोशल मीडिया के आदी हैं। इस कारण आप आखिर में हताश महसूस करते हैं और असंतुष्ट रहते हैं जिससे नतीजन आपी खुशी छिन जाती है।

झूठी वास्तविकता

आजकल अधिकतर लोग अपने अहंकार को पूरा करने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं जिसके कारण वो भूल जाते हैं कि वो जो कर रहे हैं वह वास्तविकता नहीं है। इसके बाद वास्तविकता से जब उनका सामना होता है तो वो दुखी होते हैं।

दूसरों की ईर्ष्या
हम अक्सर दूसरों से अपनी तुलना करते हैं जिसके कारण हम दुखी होते हैं। सोशल मीडिया पर दूसरे लोगों को देखकर लोग अक्सर सोचते हैं कि उनके पास अपर्याप्त चीजें हैं और उन्हें अधिक की जरुरत है जबकि ऐसा असल में होता नहीं है और यह भावना आपकी खुशियों को प्रभावित करती है।

आत्म-सम्मान को ठेस लगना
बहुत से लोग इन दिनों सोशल मीडिया नेटवर्क के कारण अपना आत्मविश्वास या आत्म-सम्मान खो रहे हैं। एक रिसर्च के मुताबिक, फेसबुक पर समय बिताने के बाद एक तिहाई लोगों अकेला, निराशाजनक या क्रोधित महसूस करते हैं। ऐसा तब होता है जब वो दूसरों से तुलना अपनी करते हैं।

जीवन में वास्तविक बातचीत को प्रभावित करता है
जब से सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर लोगों की बातचीत करना शुरु किया है, तब से वास्तविक जीवन से बातचीत जैसे खो गई हैं। लोग वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर बात करना अधिक पसंद करते हैं। इसके चलते लोग अक्सर एक दूसरे की असली भावनाओँ को समझने में असमर्थ होते हैं।