सेक्स से जुड़े 5 सवाल, जो कभी-कभी आपके मन में भी आते होंगे #news4
October 3rd, 2020 | Post by :- | 329 Views

क्या ओरल सेक्स सुरक्षित है? क्या पीरियड से पहले सेक्स करने से प्रेग्नेंसी का ख़तरा नहीं होता? इजैकुलेशन से पहले विथड्रॉ कर लेना कितना कारगर है? जैसे सवाल कभी न कभी हर महिला के मन में आते हैं. आइए, यहां ऐसे ही 5 सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश करते हैं.

1. क्या इजैकुलेशन से पहले विथड्रॉ कर लेना सही तरीक़ा है? 
कई पुरुषों का मानना होता है कि कॉन्डम पहनने से वे सेक्स का पूरा आनंद नहीं उठा पाते. ऐसे में वे इजैकुलेशन से पहले विथड्रॉ करने का तरीक़ा आज़माते हैं. पर यह तरीक़ा बिल्कुल भी सही नहीं है. इजैकुलेशन से पहले भी आपके पार्टनर का थोड़ा-बहुत स्पर्म बाहर निकल सकता है. भले ही वो विथड्रॉ कर लेता हो, आप प्रेग्नेंट हो सकती हैं. साथ ही ज़्यादातर पुरुषों को पता नहीं होता कि विथड्रॉ कब करना है या उनमें सहवास के समय विथड्रॉ करने की इच्छाशक्ति की कमी होती है. इतना ही नहीं ऐसा करने से सेक्स का आनंद भी कम हो सकता है, क्योंकि आप दोनों का ध्यान विथड्रॉवल पर ही अटका रहेगा. इसलिए हमेशा भरोसेमंद गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करें और उन क्षणों का भरपूर आनंद उठाएं.

2. क्या पीरियड्स से पहले असुरक्षित सेक्स करने से कोई समस्या नहीं होती?
आमतौर पर पीरियड्स से ठीक पहले, पीरियड्स के दौरान और उसके ठीक बाद तक महिलाओं की फ़र्टिलिटी बेहद कम होती है. वहीं पीरियड्स से १२ से १४ दिनों तक उनकी फ़र्टिलिटी बहुत ज़्यादा होती है. इसके बावजूद इन सुरक्षित दिनों में भी असुरक्षित सेक्स करने की सलाह नहीं दी जाती. असुरक्षित सेक्स करने से आप प्रेग्नेंट हो सकती हैं और आपके माहवारी की साइकिल भी बदल सकती है. आप कैलेंडर मेथड का इस्तेमाल कर सकती हैं, पर अच्छा यह होगा कि किसी गायनाकोलॉजिस्ट की सलाह से गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करें.

3. वेजाइनल ड्रायनेस के कारण सेक्स के दौरान काफ़ी दर्द होता है. ऐसे में क्या किया जा सकता है?
वेजाइनल ड्रायनेस की समस्या ३० से ४० वर्ष के बीच की महिलाओं में बहुत आम हो गई है. यदि आप भी इसके चलते सेक्स का भरपूर आनंद नहीं उठा पा रही हैं तो अपनी गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें. आमतौर पर डॉक्टर्स ऐंटी बायोटिक्स द्वारा इसका इलाज करते हैं. वहीं दूसरे नुस्ख़ों में लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करना भी एक कारगर तरीक़ा है. लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करने से घर्षण कम होता है. या आप अपने पार्टनर को अच्छे लुब्रिकेंट वाला पतला कॉन्डम इस्तेमाल करने को कह सकती हैं. वेजाइनल पेसरीज़ भी वेजाइना को लुब्रिकेट करके, ड्रायनेस से छुटकारा दिलाती हैं और सेक्स को और भी आनंददायक बनाती हैं.

4. क्या ओरल सेक्स में भी एसटीडी के संपर्क में आने का ख़तरा होता है?
एसटीडी (सेक्शुअली ट्रान्स्मिटेड डिज़ीज़) का प्रसार ओरल सेक्स द्वारा भी उतनी ही आसानी से हो सकता है जितनी आसानी से जेनिटल सेक्स से होता है. कुछ ऐसे एसटीडीज़ हैं, जो किसी भी तरह के बॉडी फ़्लूइड से फैल सकते हैं. हर्पिस, सिफ़लिस, हेपेटाइटिस बी आदि का प्रसार ओरल सेक्स के माध्यम से हो सकता है. ओरल सेक्स को सुरक्षित बनाने के लिए कॉन्डम का इस्तेमाल करना चाहिए.

5. जिन जोड़ों को कॉन्डम और गर्भनिरोधक गोली दोनों ही पसंद न हों, क्या उनके लिए कोई सुरक्षित विकल्प है?
वैसे कॉन्डम और पिल्स प्रेग्नेंसी को रोकने के लिए आज़माए जानेवाले सबसे आम गर्भनिरोधक हैं. बेशक, पिल लेने की शुरुआत करने से पहले किसी सर्टिफ़ाइड गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें. यदि आप दोनों को पिल्स और कॉन्डम से एलर्जी हो तो पेसरी का इस्तेमाल किया जा सकता है. पेसरी का इस्तेमाल एक सुरक्षित विकल्प है. पेसरी को सेक्स से कम से कम पांच मिनट पहले वेजाइना में डालना चाहिए. वेजाइना में जाने के बाद पेसरी शरीर के तापमान और नैचुरल फ़्लूइड्स के चलते घुल जाती है, जिससे फ़ोम का निर्माण होता है, जो स्पर्म्स को रोकने का काम करता है. वैसे तो इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता और यह शरीर से आसानी से बाहर भी निकल जाती है. पर हां, पेसरी का इस्तेमाल शुरू करने से पहले अपनी गायनाकोलॉजिस्ट से सलाह ज़रूर लें.