Hormonal headache: हार्मोन्स की वजह से सिरदर्द क्यों होता है #loveromance
October 7th, 2020 | Post by :- | 169 Views

महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं होती रहती हैं। इनमें एक हार्मोन्स में बदलाव भी है। जिसकी वजह से सिरदर्द की समस्या हो जाती है। हार्मोन्स से स्तर में होने वाले बदलावों की वजह से कई बार माइग्रेन और क्रोनिक सिरदर्द की समस्या होने लगती है। प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज के दौरान हार्मोन के लेवल में बदलाव आते रहते हैं। महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन नामक हार्मोन होता है मैस्ट्रुअल साइकल को नियमित करने, प्रेग्नेंसी और सिरदर्द करने वाले केमिकल को नियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह केमिकल दिमाग में होते हैं। मगर जब शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है तो इससे सिरदर्द की समस्या होने लगती है। इसी तरह कई कारण होते हैं जिनकी वजह से शरीर में हार्मोनल बदलाव होने पर सिरदर्द होने लगता है। तो आइए आपको उन कारणों के बारे में बताते हैं जिससे हार्मोन में बदलाव होने के दौरान सिरदर्द होता है।

Hormonal headache: हार्मोनल हेडएक के कारण

प्रेग्नेंसी
मेनोपॉज और पेरीमेनोपॉज
मैन्स्ट्रुअल साइकल
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी

प्रेग्नेंसी:

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन का लेवल बढ़ जाता है जिसकी वजह से कई महिलाओं को इस दौरान हार्मोन की वजह से सिरदर्द होना बंद हो जाता है। तो कई महिलाओं को प्रेग्नेंसी के शुरुआती समय में माइग्रेन की समस्या होती है जो पहली तिमाही तक ठीक हो जाती है। शिशु के जन्म के बाद महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा कम हो जाती है।

मेनोपॉज और पेरीमेनोपॉज: पेरीमेनोपॉज में हार्मोन्स का लेवल असंतुलित होता है जिसकी वजह से महिलाओं को सिरदर्द की समस्या होती है। हर तीन में से 2 महिला को मेनोपॉज तक पहुंचने तक माइग्रेन की समस्या हो जाती है। साथ ही हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की वजह से भी सिरदर्द की समस्या हो जाती है।

मैन्स्ट्रुअल साइकल: मैन्स्ट्रुअल के कुछ समय पहले से ही शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का लेवल कम हो जाने की वजह से सिरदर्द होने लगता है।

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी:  बर्थ कंट्रोल पिल्स और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की वजह से शरीर में हार्मोन का स्तर कम ज्यादा होता रहता है। हार्मोनल बदलाव की वजह से कई महिलाओं को माइग्रेन की समस्या भी हो जाती है। क्योंकि इन दवाईयों से हार्मोन का स्तर बहुत ज्यादा कम हो जाता है।