Ready for pregnancy: संकेत कि आप गर्भधारण के लिए तैयार है
August 18th, 2020 | Post by :- | 114 Views

प्रेग्नेंसी एक महिला के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। हर महिला एक बच्चे की ख्वाहिश करती है जिससे उनका परिवार बढ़ सके। लेकिन महिलाएं पहले अपने करियर पर फोकस करना पसंद करती हैं। लेकिन इसके बाद भी जीवन में ऐसा समय आता है जिसमें आप गर्भधारण के लिए तैयार होती हैं। ओव्यूलेशन के दौरान जब एग ओवरी से रिलीज होता है और अगर वह स्पर्म से मिल जाता है तो उससे गर्भधारण होता है। अगर आप गर्भधारण करने की सोच रही हैं तो आपको अपने ओव्यूलेशन के समय के बारे में पता होना चाहिए। कुछ संकेतों की मदद से पता चल सकता है कि आपका शरीर गर्भधारण के लिए तैयार भी है कि नहीं। तो आइए आपको उन संकेतों के बारे में बताते हैं जिससे पता चलता है कि आपका शरीर गर्भधारण के लिए तैयार है।

Ready for pregnancy: संकेत जो बताते हैं कि आप गर्भधारण के लिए तैयार हैं

शरीर के तापमान में बदलाव
ब्रेस्ट का संवेदनशील होना
सर्विक्स की पोजीशन में बदलाव
क्रैम्प
स्पॉटिंग

शरीर के तापमान में बदलाव: फर्टाइल पीरियड्स के बारे में जानने के लिए शरीर के तापमान पर ध्यान देना जरुरी होता है। क्योंकि ओव्यूलेशन के कुछ दिनों पहले शरीर का तापमान कम होने लगता है। इसके साथ ही ओव्यूलेशन के बाद शरीर का तापमान बढ़ जाता है उसके बाद सामान्य हो जाता है।

ब्रेस्ट का संवेदनशील होना: ब्रेस्ट का संवेदनशील होना संकेत होता है कि आपके पीरियड्स आने वाले हैं। लेकिन यह तब भी होता है जब आप ओव्यूलेट होती हैं। ब्रेस्ट के संवेदनशील होने को आप अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं। शरीर में प्रोजेस्टेरोन का लेवल बढ़ जाने की वजह से भी ब्रेस्ट संवेदनशील हो जाते हैं साथ ही थोड़ी सी सूजन भी आ जाती है।

सर्विक्स की पोजीशन में बदलाव: सर्विक्स की पोजीशन को आप सामान्य परिस्थिति में चेक नहीं कर सकते हैं। लेकिन मासिक धर्म की ओव्यूलेशन के दौरान इसकी पोजीशन में थोड़ा सा बदलाव आ जाता है। साथ ही यह बहुत मुलायम भी हो जाती है।

क्रैम्प: ओव्यूलेशन के दौरान क्रैम्प महसूस होते हैं। लेकिन यह पीरियड्स के दौरान होने वाले क्रैम्प से बहुत कम होते हैं। इस दर्द से आप समझ सकते हैं कि यह ओव्यूलेशन के दौरान का दर्द है कि पीरियड्स के दौरान।

स्पॉटिंग: कई महिलाओं को ओव्यूलेशन के दौरान ब्लीडिंग होती है। इसे मिड साइकल स्पॉटिंग कहते हैं। हार्मोन्स के बदलाव के कारण भी यह ब्लीडिंग होती है। ऐसा गर्भधारण करने की वजह से भी होता है। अगर आपको स्पॉटिंग हो रही हैं तो कुछ दिनों बाद प्रेग्नेंसी टेस्ट करें।