क्यों बेबी के बाद पटरी से उतर जाती है सेक्स की गाड़ी? #loveromance
October 17th, 2020 | Post by :- | 176 Views

च्चे की परवरिश में आपका पूरा साथ देंगे. आपके बच्चे की एक मुस्कान पाते ही आप दोनों यह भी भूल जाएंगे कि इन दिनों आपकी रातों की नींद न के बराबर हो रही है और थकान आप दोनों पर हर वक़्त तारी रहती है… और इस सब के बीच सेक्स? हम जानते हैं अब आप दोनों एकसाथ यही पूछेंगे- सेक्स, वो क्या होता है?
पर घबराएं नहीं, क्योंकि यह सिर्फ़ आप दोनों के साथ ही नहीं हो रहा है! ये अधिकतर नए पैरेंट्स की कहानी है. हालांकि इस मामले में कई कपल्स का अनुभव बहुत अलग भी होता है. पहले बच्चे के बाद कई कपल्स को सेक्स के दौरान अभूतपूर्व सुख की अनुभूति भी हुई है, पर अधिकतर कपल्स की सेक्स लाइफ़ जैसे ख़त्म ही हो गई. ज़ाहिर है, इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि अब आप दोनों का जीवन अपने बच्चे के हिसाब से चल रहा है. रात को उसके जागने और सोने के समय की पालियों में मिल-बांट कर काम करते हुए आपके पास अपने दांपत्य जीवन के लिए समय नहीं बच पा रहा है.

सेक्स से दूरी के कारण
यहां हम उन सामान्य सेक्स से जुड़ी बातों का ज़िक्र कर रहे हैं, जो नई-नई मां के मन में आती हैं और सेक्स में रुचि को कम कर सकती है. यदि आप भी इस स्थिति से गुज़र रही हैं तो ख़ुद को समझाएं और अपनी सेक्स लाइफ़ को पटरी पर दोबारा लौटा लाएं.

1. मुझे सेक्स नहीं करना
बच्चे के इस दुनिया में आने के बाद से आपकी प्राथमिकता सिर्फ़ बच्चा ही होता. उसकी ज़रूरतों का ध्यान रखते-रखते आप इतनी थक जाती हैं कि सेक्स आपके दिमाग़ में भी नहीं आता. और यदि कहीं आपको अपने पति या अन्य परिजनों से बच्चे की परवरिश में सहायता नहीं मिल रही है तो बहुत संभव है कि आप डिप्रेशन का शिकार हो जाएं. यह पोस्टपार्टम यानी प्रेग्नेंसी के बाद होने वाले डिप्रेशन का लक्षण है.

2. अब मैं सुंदर नहीं दिखती
फ़िगर या ब्रेस्ट के आकार (जो ब्रेस्टफ़ीडिंग के चलते बढ़ जाता है) को लेकर कई महिलाएं इतनी संवेदनशील हो जाती हैं कि उन्हें लगता है कि अब वे पहले जितनी आकर्षक नहीं रही हैं. ऐसे समय में यदि आपके पति सेक्स के लिए पहल करते हैं तो आप उनसे कतराती हैं. उनकी पहल को स्वीकार करें और इस बात को समझें कि वे अब भी आपको प्यार करते हैं.

3. कहीं यह दर्दभरा तो नहीं होगा
कई महिलाओं को इस बात का डर सताता है कि कहीं सेक्शुअल इंटरकोर्स पहली बार की तरह दर्दभरा न हो. तो हम आपको बताना चाहेंगे कि बहुत संभव है कि बच्चे के जन्म के बाद कुछ एक बार सेक्स दर्दभरा अनुभव हो. यह इसलिए हो सकता है कि बच्चे के जन्म के समय वेजाइना को जिस दबाव से गुज़रना पड़ा है, उसके बाद भले ही ऊपर से यहां की नसें ठीक हो चुकी हों, लेकिन दबाव को लेकर अब भी संवेदनशील हों. यदि ऐसा है तो अलग-अलग पोज़ीशन्स अपना कर देखें.

4. उफ़्फ़… ये सूखापन!
हरेक महिला, फिर चाहे उसकी डिलेवरी नॉर्मल हुई हो या सिज़ेरियन, उसे बच्चे के जन्म के बाद सेक्शुअल इंटरकोर्स में थोड़ी असहजता होती है, क्योंकि प्रेग्नेंसी के बाद के समय में महिलाओं के शरीर में फ़ीमेल हार्मोन के नाम से जाने जानेवाले एस्ट्रोजन का उत्पादन कम होता है. इसकी वजह से वेजाइना में सूखापन आ जाता है और सेक्शुअल इंटरकोर्स में दिक़्क़त आती है. इससे अस्थाई स्थिति से निपटने के लिए अपनी गायनाकोलॉजिस्ट की सलाह लेकर आप नैचुरल या कृत्रिम लुब्रिकेंट्स इस्तेमाल कर सकती हैं.

5. कहीं मैं दोबारा प्रेग्नेंट न हो जाऊं
आप हाल ही में मां बनी हैं. प्रेग्नेंसी और पहले बच्चे की देखभाल के चलते सामान्य जीवन अभी पटरी पर लौटा नहीं है. ऐसे में इस बात की चिंता जायज़ है कि कहीं आप दोबारा प्रेग्नेंट न हो जाएं. अत: किसी तरह के सर्प्राइज़ का इंतज़ार न करें. डॉक्टर की सलाह से कॉन्ट्रासेप्टिव का चुनाव करें. इस समय आप ब्रेस्टफ़ीड करा रही हैं तो कॉन्ट्रासेप्टिव ऐसा हो, जिससे ब्रेस्ट मिल्क पर कोई दुष्प्रभाव न पड़े.

टिप्स, जो करेंगे मदद
हम यहां कुछ आसान टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर कई कपल्स ने अपने सेक्शुअल रिश्तों को नॉर्मल बना लिया. आप भी इन कुछ बातों का ध्यान रखें और आप पाएंगी कि धीरे-धीरे आपकी सेक्स लाइफ़ पहले जैसी या उससे भी बेहतर हो जाएगी.

1. कब करें शुरुआत
यदि गायनाकोलॉजिस्ट की ओर से बात करें तो बच्चे के जन्म के 6-8 सप्ताह बाद आप दोनों सेक्शुअल सुख का आनंद ले सकते हैं. पर दरअस्ल, यह बात आपके अपने ऊपर भी निर्भर करती है. जहां कुछ महिलाएं इस छह सप्ताह के समय से पहले भी सेक्शुअल इंटरकोर्स शुरू कर देती हैं, वहीं कुछ को पूरा साल भी लग जाता है. पर हमारी सलाह यह होगी कि आप सेक्शुअल गतिविधि शुरू करने से पहले गायनाकोलॉजिस्ट की सलाह ज़रूर ले लें.

2. समय बदल दें
नई मांओं के लिए लिखी गई अपनी किताब में क्रिस्टीन चेज़ कहती हैं,‘‘सेक्स को दिन के अंत या रात के लिए बचाकर न रखें, क्योंकि शाम होते-होते आप थककर चूर हो जाएंगी और सेक्स के लिए कोई ऊर्जा नहीं बचेगी.’’ तो जब भी आपका बच्चा सो रहा हो, बजाय फ़ेसबुक देखने के आप दोनों अपने अंतरंग पलों में खो जाएं, फिर चाहे वो दिन का कोई भी समय क्यों न हो.

3. मदद लें-मदद दें
अपने परिजनों या दोस्तों से कहें कि एक रात के लिए वे आपके बच्चे को संभालें और आप उन्हें भी इसी तरह की मदद देने का वायदा करें. महीने में ऐसी एक ‘डेट नाइट’ रिश्तों में गरमाहट लाने का काम कर जाएगी.

4. कुछ नया सीखें
‘‘बेडरूम में ऊर्जा लानी है तो आप दोनों को इस दिशा में कुछ नई ट्रिक्स सीखते रहनी होंगी,’’ चेज़ अपनी किताब में लिखती हैं. इसका मतलब ये है कि बजाय लंबे सेक्शुअल सेशन्स के आप क्विकी सीख लें, अपनी सेक्स लाइफ़ को रोचक बनाने के लिए साथ-साथ उत्तेजक फ़िल्में देखें या साहित्य पढ़ें. एक-दूसरे से चुहलबाज़ी का कोई मौक़ा न छोड़ें.