सेक्स लाइफ़ के बारे में बात करते समय रखें ये सावधानियां!
August 19th, 2020 | Post by :- | 188 Views

पारंपरिक रूप से सेक्स के बारे में बात करने को टैबू यानी वर्जित माना जाता रहा है. पर पिछले एक दशक से हमारे समाज में सेक्स के बारे में काफ़ी खुलापन आया है. लोग बेझिझक अपनी सेक्स लाइफ़ के बारे में बातें करते हैं. यह सही है कि धीरे-धीरे हम ओपनअप हो रहे हैं, पर कभी-कभी इस खुलेपन के चलते हम शालीनता की सीमा भी लांघ जाते हैं. हमें कम से कम यह पता होना चाहिए कि इस तरह की बातें किसके साथ करनी हैं और किसके साथ नहीं. मसलन पार्टनर के साथ तो हम सारी बातें कर सकते हैं, पर दोस्तों के साथ इस विषय पर बात करते समय अपनी सीमा को पहचानें. अगर आप भी अक्सर भावना में बहकर कुछ ज़्यादा बोल जाते हैं तो यहां जानें, आपको इस बारे में बात करते समय कौन-कौन सी सावधानियां रखनी चाहिए. यानी आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं.

अपने बेस्ट फ्रेंड से बात करें, मगर कुछ सावधानियों के साथ
जिस बेस्ट फ्रेंड के साथ आपने अपने जीवन के हर छोटे-बड़े राज़ साझा किए हैं उससे सेक्स के बारे में बात ज़ाहिर है आप कर ही लेते होंगे. पर ऐसा करते समय आपको काफ़ी सावधानी बरतनी चाहिए. पार्टनर के साथ बिस्तर पर बिताए गए हर लम्हे को हरगिज़ किसी से शेयर करने की ज़रूरत नहीं है, भले ही आपकी दोस्ती कितनी ही पक्की क्यों न हो. हां, अगर आपकी सेक्स लाइफ़ में कोई बड़ी समस्या आ गई हो, जिसने आपको बुरी तरह से परेशान और प्रभावित कर रखा हो तो आप बेशक इस बारे में बात कर सकते हैं. हां, यहां भी शालीनता की सीमा कभी न लांघें. दोस्त की सलाह आपके लिए मायने रखती होगी, पर पार्टनर के साथ अपने संबंध की निजता उससे कहीं अधिक ज़रूरी है.

अगर आपको मदद की ज़रूरत हो तो प्रोफ़ेशनल की हेल्प लें
भले ही आपने अपने दोस्त से बात कर ली हो, पर अगर वह रिलेशनशिप विशेषज्ञ या सेक्स थेरैपिस्ट न हो तो ज़रूरी नहीं कि आपकी समस्या का पूरा समाधान हो जाएगा. इसलिए
आपको अपनी समस्या प्रोफ़ेशनल से डिस्कस करनी चाहिए. प्रोफ़ेशनल के सामने आपको बिना झिझक अपनी सेक्स लाइफ़ के सभी पहलुओं की चर्चा करनी चाहिए. बात चाहे शारीरिक समस्या की हो या किसी मानसिक ब्लॉक की, आपको अपने डॉक्टर, काउंसलर से पूरी मदद मिलेगी. रिलेशनशिप या सेक्स थेरैपिस्ट पेशेवर होते हैं, वे अपने मरीज़ों की समस्या या डीटेल को किसी के साथ साझा नहीं करते. अत: आप खुलकर उनसे अपनी सभी समस्याओं के बारे में बात कर लें.

सोशल मीडिया पर सेक्स लाइफ़ की बात भूलकर भी न करें
खुलेपन का यह मतलब नहीं है कि हम इन्स्टाग्राम या फ़ेसबुक पर अपने अंतरंग पलों की तस्वीरें या वीडियोज़ शेयर करें. पार्टनर के साथ प्यार और जुड़ाव का प्रदर्शन करती तस्वीरें साझा करने की इच्छा हम सभी को होती है, पर यह अपनी सहज बुद्धि से सोचें कि कौन-सी तस्वीर साझा करना उचित होता, कौन-सी नहीं. दूसरों की जिस तरह के पोस्ट से आप कम्फ़र्टेबल नहीं होते, ख़ुद से जुड़े उस तरह के पोस्ट कभी न करें. आपने बहुत सुना होगा कि कैसे इंटरनेट, ख़ासकर सोशल मीडिया पर उपलब्ध कपल्स की फ़ोटोज़ का मिस यूज़ किया जाता है.

ऑफ़िस में इस बारे में बात करना बिल्कुल भी सही नहीं है
ऑफ़िस गॉसिप में दूसरों की सेक्स लाइफ़ के बारे में चर्चा करना बिल्कुल सही नहीं है. आपके कलीग भले ही आपकी डेट की डीटेल्स जानने के लिए उत्सुक हों, पर आप भूलकर भी इस बारे में ज़रूरत से ज़्यादा न बताएं. ऑफ़िस कलीग कितने ही क्लोज़ क्यों न हों, अपनी लव लाइफ़ के बारे में उनसे चर्चा न करें. सेक्स के बारे में बातें करने की वैसे भी वर्क प्लेस में मनाही है. बिस्तर के डीटेल्स यहां बताना यानी अपनी प्रोफ़ेशनल लाइफ़ में बाधाएं खड़ी करना है. पार्टनर के साथ ऑफ़िस से फ़ोन या वीडियो कॉल करते समय इस शालीनता को बनाए रखें.