गर्भनिरोध गोलियों से होने वाले दुष्प्रभाव… #loveromance
October 24th, 2020 | Post by :- | 247 Views

गर्भनिरोध गोलियों की वजह से वजन बढ़ना, मिचली, ब्रेस्ट टेंडरनेस और मेंस्ट्रुअल साइकल का अनियमित हो जाना जैसी समस्याएं हो जाती हैं। इसके अलावा गर्भनिरोध गोलियों के सेवन से मूड में बदलाव आना, ऊर्जा कम हो जाना, पेट से जुड़ी समस्या या फिर यौन इच्छा में कमी हो जाना जैसी समस्या भी हो सकती है। हालांकि गर्भनिरोध गोलियां अनचाहे प्रेग्नेंसी से बचाता है लेकिन शरीर पर इसके कई दुष्प्रभाव भी होते हैं। तो गर्भनिरोध गोलियां हर किसी के लिए प्रभावी नहीं होते हैं औऱ कई महिलाओं को इसकी वजह से स्वास्थ्य समस्याएं भी हो जाती हैं। तो ऐसे में आपको इससे दुष्प्रभाव के बारे में पता होना जरूरी होता है ताकि आप स्वस्थ रह सकें। आइए गर्भनिरोध गोलियों से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानते हैं।

यौन इच्छा में कमी हो जाना:
गर्भनिरोध गोलियों के सेवन से टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होता है जिसकी वजह से वेजाइनल ड्राइनेस और यौन इच्छा में कमी आ जाने जैसी समस्या हो सकती है। गर्भनिरोध गोलियों में एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन का सिंथेटिक वर्जन होता है जो टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करता है।

यीस्ट इंफेक्शन का खतरा बढ़ाता है:
गर्भनिरोध गोलियों का सेवन करने की वजह से एस्ट्रोजेन का स्तर कम हो जाता है जो यीस्ट इंफेक्शन के खतरे को बढ़ाता है। इसके अलावा ये इम्यून सिस्टम को भी कमजोर कर देता है जिसकी वजह से यीस्ट इंफेक्शन हो जाता है।

शुष्क आंखें हो जाना:
जो लोग गर्भनिरोध गोलियों का सेवन करते हैं उन्हें शुष्क आंखों की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा आंखों से पानी आना या फिर आंखें लाल हो जाना जैसी समस्या भी हो जाती है। कई बार तो आंखों की रोशनी भी कम हो जाती है।

डिप्रेशन की समस्या:
गर्भनिरोध गोलियां और डिप्रेशन का एक बड़ा संबंध है। एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन नामक हार्मोन की वजह से महिलाओं के मूड में बदलाव आता है और कई बार ये बदलाव डिप्रेशन का रूप ले लेता है।

माइग्रेन की समस्या बढ़ाता है:
एस्ट्रोजन का स्तर सिरदर्द को ट्रिगर कर सकता है तो इसलिए गर्भनिरोध गोलियों के सेवन से जितना हो सकता है बचें ताकि आप इस समस्या से ग्रसित ना हों।