नए रिलेशनशिप में अगर ये 5 समस्याएं आएं तो सोच-समझकर बढ़ें आगे, वर्ना भविष्य में भारी पड़ सकता है ऐसा रिश्ता … #loveromance
November 3rd, 2020 | Post by :- | 143 Views

दो इंसान हमेशा एक दूसरे की बातों से सहमत हों, यह संभव नहीं है। यही कारण है कि कितने ही प्यारे कपल्स हों, लेकिन छोटी-मोटी बातों पर बहस और विवाद होते रहना लाजमी है। हालांकि अच्छे रिलेशनशिप की पहचान यही है कि ये छोटी-छोटी बहसें कभी भी झगड़े का रूप नहीं लेती हैं। हम सभी का अपना एक अलग स्वभाव होता है। कुछ लोगों की आदत होती है कि वो आपसे असहमत होने पर आपके मुंह पर ही बोल देते हैं, जबकि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो बिना बोले अपनी भावनाओं को जज्ब कर लेते हैं और परेशान होते हैं। कपल्स के बीच अगर ऐसा बार-बार हो, तो उनके रिश्ते पर इसका प्रभाव दिखने लगता है। इसलिए रिलेशनशिप में कई समस्याएं ऐसी होती हैं, जिनका तुरंत समाधान खोजना जरूरी है, वर्ना बाद में स्थिति रिश्ता खराब होने तक पहुंच जाती है। इसलिए इन 5 बातों को रिश्ते में कभी भी नजरअंदाज न करें।

अगर आपके विचार हमेशा टकराते हैं

रिलेशनशिप की शुरुआत में ज्यादातर लोग शारीरिक आकर्षण की वजह से एक-दूसरे के करीब आते हैं। लेकिन अगर उनके विचार आपस में नहीं मिलते हैं, तो रिश्ता बहुत लंबे समय तक नहीं टिक सकता है। अगर आप दोनों ज्यादातर समय एक-दूसरे की बातों से असहमत रहते हैं, तो आपको मिल-बैठकर इस बारे में बात करनी चाहिए कि ऐसा क्यो होता है। अगर आप दोनों एक दूसरे को पसंद करते हैं लेकिन कुछ बातों पर असहमत होते हैं, तो उन पर बात करें।

आपका पार्टनर आपको बार-बार धोखा दे और आप माफ करें

कई बार देखा जाता है कि रिलेशनशिप में जब एक पार्टनर सीधा और संवेदनशील हो, तो दूसरा उसका फायदा उठाने लगता है। इसलिए अगर आपका पार्टनर आपको बार-बार चीट करता है, यानी धोखा देता है लेकिन आप उसे पहले ही कई बार माफ कर चुके हैं, तो आपको ऐसे रिश्ते के बारे में एक बार सही से सोचना चाहिए। गलतियों को माफ करना महानता है, मगर कोई व्यक्ति एक ही गलती बार-बार करे, तो उसे माफ करना मूर्खता है।

अगर पार्टनर सिर्फ फिजिकल होने की बात करे

रिलेशनशिप में फिजिकल होना कितना जरूरी है, ये बहस का नहीं, बल्कि आपकी व्यक्तिगत च्वाइस की बात है। हालांकि अगर आप दोनों तैयार हैं, तो फिजिकल रिलेशनशिप में कोई बुराई नहीं है। लेकिन अगर आपका पार्टनर आपसे हर बार मिलने या बात करने पर सिर्फ फिजिकल होने की बातें करता है, तो आपको उसकी साइकोलॉजी को एक बार गहराई से समझने की जरूरत है। संभव है कि ऐसा रिश्ता सिर्फ फिजिकल संटुष्टि के लिए बनाया गया हो।

अगर आपका पार्टनर सिर्फ अपने काम को महत्व दे

अपने काम पर फोकस करना और काम के लिए समर्पण भावना रखना बहुत अच्छी बात है। लेकिन इस बीच अगर व्यक्ति अपनी निजी जिंदगी और लाइफ पार्टनर को भूल जाए, तो ये अच्छी बात नहीं है। कभी-कभार काम को ज्यादा महत्व देना समझ आता है, लेकिन अगर हमेशा ही कोई व्यक्ति अपने काम को आपके रिश्ते से ज्यादा महत्व देता है, तो रिश्ते में लंबे समय तक टिकने से पहले आपको इस बारे में विचार करना चाहिए कि क्या आप ऐसे व्यक्ति के साथ रहना चाहते हैं, जिसके पास आपके लिए समय ही नहीं है।

अगर आप अपने पार्टनर के सामने खुलकर बोल नहीं पाते

पार्टनर का अर्थ होता है सहभागी, यानी जो आपके हर काम में बराबर का हिस्सेदार हो। ऐसे में अगर आप अपने पार्टनर के सामने कुछ बोल ही न पाएं और हमेशा वही आप पर अपना फैसला थोपते रहें, तो इसे रिलेशनशिप में बराबरी तो नहीं कहा जा सकता है। अगर आप अपने पार्टनर के सामने अपने दिल की बात खोलकर नहीं बोल पाते हैं, तो ये इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में कई मौकों पर आपको अपनी इच्छाएं मारनी पड़ेंगी या घुटना पड़ेगा। इसलिए ऐसे रिश्ते में आगे बढ़ने से पहले विचार करना जरूरी है।