ये रोग पुरुषों के लिए बन सकते हैं शर्मिंदगी की वजह … #loveromance
November 5th, 2020 | Post by :- | 234 Views

एक आंकड़े के अनुसार हर 10 में से 1 पुरुष किसी न किसी सेक्स समस्या से पीड़ित होते हैं। पुरुषों में यौन समस्या यौन रूप से सक्रिय होने के बाद कभी भी हो सकती है पर इनके होने के संभावनाएं उम्र के साथ बढ़ती है। पुरुषों में यौन समस्याएं डिप्रेशन की वजह भी बन जाती है। यौन सम्बन्ध स्थापित करने में असफल होना कई बार पुरुषों के आत्मविश्वास पर भी बुरा प्रभाव डालती है। किसी भी प्रकार की यौन समस्या का होना कोई शर्मिंदगी की बात नहीं होती। सही इलाज और जीवनशैली में बदलाव लाकर यौन समस्याएं दूर की जा सकती है। आइए कुछ प्रमुख यौन समस्याओं के बारे में जानते हैं।

1. इरेक्टाइल डिस्फंक्शन:

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जिसे संक्षिप्त रूप में ईडी और हिंदी में पुरुष स्तम्भन और नपुसंकता भी कहते हैं पुरुषों में होने वाली एक यौन समस्या है। लिंग में तनाव के लिए लिंग में रक्त संचार की आवश्यकता होती है। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की स्थिति में लिंग में रक्त का संचार नहीं हो पाता है जिसकी वजह से संबंध बनाते वक्त लिंग में पर्याप्त तनाव नहीं आ पाता। लिंग में सुचारू रूप से रक्त का संचार न हो पाना ह्रदय सम्बन्धी रोग का संकेत भी हो सकता है। एक अध्ययन में पता चला है की जो लोग ह्रदय सम्बन्धी रोगों से ग्रसित होते हैं उनमे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होने की संभावना ज्यादा होती है। इरेक्टाइल डिसंफंक्शन का उपचार आमतौर पर जीवन शैली में बदलाव कर के ठीक किया जा सकता है। इसके अलावा बाजार में कई दवाएं उपलब्ध है जिनके इस्तेमाल से आप इरेक्टाइल डिसंफंक्शन की समस्या को कम कर सकते हैं मगर ऐसी दवाओं का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क जरुर करें।

2. टेस्टोस्टेरोन डेफिशियेंसी सिंड्रोम:
टेस्टोस्टेरोन डेफिशियेंसी सिंड्रोम जिसे हाइपोगोनाडिज्म भी कहते हैं आपके यौन शक्ति पर बुरा असर तो डालता ही है साथ ही साथ आपकी हड्डियों, ऊर्जा स्तर(एनर्जी लेवल), शारीरिक शक्ति और मूड पर भी नकरात्मक प्रभाव डालता है। इस यौन समस्या का उपचार टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के द्वारा किया जाता है। इस थेरेपी में दवाओं, इंजेक्शन, इम्प्लान्ट्स, स्किन पैचेज की मदद से शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को बढ़ाया जाता है।

3.पेरोनिज डिजीज(Peyronie’s Disease):

पेरोनिज डिजीज की स्थिति में लिंग में टेढापन आ जाता है। ऐसा लिंग के अंदरूनी भाग में प्लाक(उतकों की झिल्ली) बनने की वजह से होता है। लिंग के अंदरूनी भाग में झिल्ली का बनना लिंग चोट लगने की वजह से भी होता है। पेरोनिज डिजीज की समस्या से पीड़ित लोगो में लिंग में तनाव होने पर दर्द का अनुभव होता है। कई पुरुष इस रोग से पीड़ित होने के बावजूद भी यौन सम्बन्ध बना पाते हैं, वहीं कई पुरुषों को यौन सम्बन्ध बनाने में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ता है। यह रोग अमूमन अधेड़ उम्र के पुरुषों में ज्यादा देखने को मिलता है, मगर कई बार यह रोग जवान पुरुषों में भी पाया जाता है। अच्छी बात यह है की कई मामलों में यह रोग बिना उपचार के एक दो सालों में ठीक हो जाता है। अगर रोग ज्यादा खतरनाक चरण में न पहुंचा हो तो इसमें उपचार की जरुरत नहीं पड़ती।

4. प्रोलोंग्ड इरेक्शन(दीर्घकालीन तनाव):
लिंग में तनाव बिना रक्त संचार के नहीं होता। आमतौर पर जब भी पुरुष कामुक होते हैं तब लिंग में रक्त का संचार होता है और लिंग में तनाव आता है। यह तनाव 2-4 घंटे तक रह सकता है। इस मेडिकल कंडीशन को प्रायपिज्म(Priapism)भी कहा जाता है। ऐसा इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के उपचार में इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं के साइड इफ़ेक्ट से होता है। यह खतरे की घंटी है ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेने की आवश्यकता है। आमतौर पर इसका उपचार इंजेक्शन द्वारा या शल्य चिकित्सा(सर्जरी) द्वारा लिंग से अत्यधिक खून निकाल कर किया जाता है।

5. शीघ्र पतन(प्री मैच्यूर इजाकुलेशन):
शीघ्र पतन की समस्या पुरुषों में होने वाली सबसे आम यौन समस्या है। इस समस्या में यौन सम्बन्ध बनाने से पहले ही या बनाने के तुरंत बाद ही वीर्य स्खलित हो जाता है। ऐसा होने से दोनों यौन साथियों में असंतोष की भावना रह जाती है। शीघ्र पतन के पीछे की सटीक कारण का पता नहीं लग पाया है, मगर विशेषज्ञ अवसाद(डिप्रेशन) को इसके पीछे की एक वजह मानते हैं। कई मामलों में यह रोग समय के साथ खुद ब खुद खत्म हो जाता है मगर कई मामलों में उपचार की जरुरत होती है।