बीवी से भले हो कितना भी प्यार, मर्द इन कामों में रोकटोक नहीं करते बर्दाश्त … #loveromance
November 6th, 2020 | Post by :- | 210 Views

आमतौर पर पुरुष अपने काम से काम रखते हैं। उन्हें किसी के जीवन में दखल देना अच्छा नहीं लगता है और कोई उनकी जिंदगी में इंटरफेयर करे ये उन्हें भी पसंद नहीं। मर्द अपनी लाइफ जीना चाहते हैं और उसी में रहना चाहते हैं। वो पॉलिटिक्स और गॉसिप से दूर रहना पसंद करते हैं। यदि आप रिलेशनशिप में हैं या फिर आपकी शादी हो चुकी है तो आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि आपकी किन मामलों में रोकटोक करने की आदत आपके पार्टनर को गुस्सा दिला सकती है।

आपने भी नोटिस किया होगा कि कई मर्द अपनी पत्नी और मां की सभी बात मान लेते हैं लेकिन कुछ मामलों में वो किसी की नहीं सुनते और तुरंत उनका व्यवहार बदल जाता है। आज जानते हैं ऐसे कौन से मामले हैं जिनपर मर्दों को किसी भी तरह की रोकटोक पसंद नहीं होती है।

लुक्स

पुरुष अपनी देखभाल करना जानते हैं। पार्टनर द्वारा ख्याल रखे जाना उन्हें केयरिंग लगता है लेकिन जब वो शेविंग, नाख़ून काटने, हेयर कट आदि के बारे में बार बार टोकने लग जाती है तब वो झल्ला जाते हैं।

ड्राइविंग

पुरुषों को अपने ड्राइविंग स्किल पर बहुत भरोसा होता है। वो निश्चिंत होकर ड्राइव करना पसंद करते हैं। ऐसे में जब उनकी पार्टनर उन्हें ट्रैफिक नियम बताने के लिए टोकती रहती है तब उनका मूड खराब हो जाता है।

परिवार-दोस्त

भारतीय समाज में पुरुषों को घर का मुखिया बताया गया है। शुरू से ही वो परिवार को प्राथमिकता पर रखकर कोई भी फैसला लेते हैं। ऐसी स्थिति में कोई भी पुरुष अपने परिवार से जुड़ी नकारात्मक बात सुनना पसंद नहीं करता है। उसका दिमाग तब खराब होने लगता है जब उसकी पत्नी परिवार के किसी सदस्य की बुराई लेकर बैठ जाती है।

महिलाओं द्वारा अपने दोस्तों की बुराई सुनकर भी मर्दों का मूड खराब हो जाता है। कई लड़के तो अपने रिलेशनशिप से इसलिए बाहर निकल जाते हैं क्योंकि उनकी पार्टनर उनके किसी करीबी दोस्त को पसंद नहीं करती है।

कपड़े

पुरुषों को कपड़े के रंग या स्टाइल से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। उन्हें जो कपड़े कम्फर्टेबल लगते हैं वो उसे ही बार-बार दोहराने से भी पीछे नहीं हटते हैं। ऐसे में जब गर्लफ्रेंड या पत्नी उन्हें कुछ बदलाव करने के लिए कहती है तब पुरुष चिढ़ जाते हैं।

क्रिकेट मैच

लोगों में क्रिकेट को लेकर दीवानगी का लेवल अलग ही होता है। खासतौर पर पुरुष चाहते हैं कि कम से कम मैच देखने के दौरान उन्हें किसी तरह से डिस्टर्ब न किया जाए। ऐसे में जब मां या पत्नी अपने सास-बहू के सीरियल देखने की जिद करती हैं या फिर किसी काम को करने का दबाव बनाती हैं तब उनका पारा चढ़ जाता है।

खानपान

पुरुषों के दिल का रास्ता पेट से होकर गुजरता है, ये बात गलत नहीं है। वो खाने पीने के शौक़ीन होते हैं लेकिन साग-सब्जियों के मामले में भी काफी चूजी होते हैं। अगर महिलाएं उनके खानपान के सिलेक्शन को बदलने का प्रयास करने लगती हैं तो उस दिन झगड़ा होना तय है।

कामकाज

पुरुषों के ऊपर दबाव होता है कि वो जल्द ही अपने परिवार की जिम्मेदारी अपने कन्धों पर लें। वो जल्दी पढ़ाई पूरी करके नौकरी और बिजनेस आदि के बारे में सोचने लगते हैं। वो दुनिया को अपने नजरिए से देखना पसंद करते हैं। इस मामले में उन्हें किसी महिला की दखलंदाजी अच्छी नहीं लगती है। कई मर्दों को लगता है कि इस मुद्दे पर महिलाएं सही राय नहीं दे सकती हैं।