सिर्फ नाम का रिश्ता नहीं होता शादी, होते हैं बेशुमार फायदे, देखें…
November 26th, 2020 | Post by :- | 383 Views

शादी नए जीवन की शुरूआत होती है और हम अनेक सपने संजोए गृहस्थ जीवन में प्रवेश करते हैं। इसलिए हम तो यही कहेगे जनाब कि शादी वो लड्डू है जो खाए पछताए जो न खाए वो भी पछताए, इसलिए एक तो इसे चख कर जरूर देखिए हो सकता है इसका स्वाद आपको रास आ जाए। विवाह एक सामाजिक बंधन है और मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण रिश्ता। हिंदू व इस्लाम धर्मशास्त्रों में विवाह या निकाह को पवित्र, मधुर और जटिल रिश्ता माना गया है। यानि विवाह दो इंसानों का मिलन रूपी समझौता है,जिसे संस्कार और रीति-रिवाज परिपूर्ण बनाते हैं। विवाह जीवन का महत्वपूर्ण सत्य है इसलिए एक-दूसरे की भावनाओं को समझने की शक्ति, जीवन भर साथ रहने की प्रतिबद्धता विवाह को समाज के साथ जोडकर चलती है।

क्यों जरूरी है विवाह

विवाह समाज व संस्करों का सामंजस्य भी है। वैवाहिक जीवन की नींव इन्हीं संस्कारों, विश्वास व भावनाओं पर टिकी होती है इसलिए समर्पण, प्रेम, विश्वास, सम्मान विवाह नामक अनुबंध को सफल बनाते हैं। इसलिए विवाह जरूरी है। इस बारे में मैरिज काउंसलर व मनोचिकित्सको का मानना है कि इसके अलावा भी कई कारण हैं जिसके लिए विवाह का होना बहुत महत्वपूर्ण है।

विवाह यथार्थवादी संस्था है :

प्रेम आदर्श व कल्पना हो सकती है लेकिन शादी एक यथार्थवादी संस्था है। दो अलग-अलग व्यक्ति जब समान उद्देश्यों की खातिर साथ रहते हैं तो एक संतुलित सामाजिक व्यवस्था बनती है और जीवन आगे बढता है। इसी जीवन को आगे बढाने के लिए शादी महत्वपूर्ण है। जिंदगी में एक नया बदलाव आता है : शादी जीवन में एक बहुत बडा बदलाव लाती है। एक लडकी का घर-परिवार, रिश्ते, रहन-सहन, खान-पान, आदतें, माहोल सभी कुछ बदल जाता है। वहीं लडका भी बहुत सी नई जिम्मेदारियो में बंध जाता है, उसे अपना परिवार शुरू करना होता है। वह पहले से कहीं ज्यादा मैच्योर बन जाता है।

विवाह जिम्मेदार बनाता है :

वाकई शादी के बाद बच्चो जिम्मेदार हो जाते हैं क्योंकि एक लडकी अपना घर-बार, माता-पिता, सभी को छोडकर उस नए घर में अपने पति के भरोसे आती है, तो ऎसे मे लडके की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपनी पत्नि को खुश रखें और उसकी हर सुख-सुविधा का ख्याल रखें। वैसे भी भारतीय संस्कारों में लडकी को हमेशा यही सिखाया जाता है कि शादी के बाद उसके सिर पर अपने मायके और ससुराल दोनों की इज्जत को बरकरार रखने की जिम्मेदारी होती है ताकि कोई उसके मां-बाप की परवरिश पर सवाल ना उठा सके।

शारीरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए :

लंदलन यूनिवसिँटी के मनोचिकित्सक डॉ. ग्लेन विल्सन का कहना है कि प्यार का एक क्षेत्र ऎसा जरूर है जिसमें जैवरासायनिक कारक और विपरीत सेक्स वाले प्राणियों के बीच का स्वाभाविक आकर्षण मायने रखता है। पुरूष हो या स्त्री हर किसी में सेक्सुअल डिजायर होती है और उसे पूरा करने केलिए शादी करना जरूरी है क्योंकि हमारे समाज औ देश में अभी तक शादी से पहले शारीरिक संबंधों को अच्छा नहीं माना जाता है और खुले तौर पर उन्हे स्वीकार नहीं किया गया है। इसलिए अपनी सेक्सुअल डिजायर को पूरा करने के लिए शादी करना जरूरी है।

पीढी बढाना :

मातृत्व हर स्त्री का सपना होता है और सामाजिक नियम के अनुसार भी हर व्यक्ति को अपनी पीढी को आगे बढाने के लिए विवाह करना ही होता है ताकि उसका परिवार आगे बढ सके और एक स्त्री भी तभी पूर्ण होती है जब वह एक बच्चो को जन्म देती है। एक साथी की जरूरत हर किसी को एक साथी की जरूरत होती है क्योंकि माता-पिता हमेशा साथ साथ नही रह सकते। वैसे भी जब और भाइयों और बहनों की शादी हो जाती है और उनका परिवार हो जाता है तब एक कमी खलती है किसी अपने के साथ की और उसी कमी को पूरा करने के लिए अपना परिवार बनाने के लिए शादी जरूरी है।

विवाह से तनाव बंटता है :

शादीशुदा मर्द एकाकी जीवन जीने वाले पुरूषों के मुकाबले औसतन 7 साल जीते हैं। इसका कारण है कि पत्नियां पति का तनाव बांटती हैं। वे ज्यादातर काम खुद करती हैं जबकि अकेले रहने वाले पुरूषों को सारें काम खुद ही करने पडते हैं।

विवाह से बीमारियां दूर होती है :

वल्र्ड हार्ट फेडरेशन ने अपनी एक शोध रिपोर्ट में कहा कि किसी से प्रेम करना या फिर उसका प्रेम पाना दिल की मजबूती के लिए बेहतरीन दवा है। प्रेम के कारण ही व्यक्ति अपनी मनोस्थिति को सदैव सकरात्मक रख पाता है और तनाव से दूर रहता है। दिल की बीमारियों के विशेषज्ञों का कहना है कि प्रेम के कारण ही भावनात्मक सहारा मिलता है, जो दिल पर बोझ नहीं पडने देता। इसी कारण विवाहित को दिल का दौरा नहीं पडने देता। इसी कारण विवाहित को दिल का दौरा पडने का खतरा कुआरों से काफी कम होता है। वल्र्ड हार्ट फेडरेशन ने दिल का दौरा, पक्षाघात या हिप फ्रेक्चर वाले 240 रोगियों का विश्लेषण किया। इस शोध में यह पाया कि व्यक्ति को ठीक करने में जितना योगदान दवाओ का होता है, उससे कहीं अधिक सकारात्मक भावनाओं का होता है। इससे ये भी पता चलता है कि किसी बीमार व्यक्ति को जल्दी ठीक करने के लिए यह जरूरी है कि उसका तनाव दूर किया जाए और उसकी सोच को सकारात्मक बनाया जाए। विश्लेषण करने पर वैज्ञानिकों ने पाया कि सामाजिक तौर पर अलग-थलग पडें व्यक्ति को दिल का दौरा पडने या कोरोनरी में गडबडी होने की संभावना अधिक होती है।

शादी ना करने के नुकसान

शादीशुदा दोस्तों के बीच खुद को अकेला महसूस करेंगे। शादी न करने पर लोग आपको आल टाइम अवेलेबल समझेंगे और बेवजह लाइन मारने से बाज नहीं आएंगे। सोशली बायकाट कर दिया जाएगा, लोग हजार तरह की बाते बनाएंगे कि कहीं आपमें कोई कमी तो नहीं है। लिव इन रिलेशनशिप जैसी चीजों में फंस सकते हैं, जिसका कोई अस्तित्व नहीं है और भविष्य भी सुरक्षित नहीं है। जब आपके भाई-बहन अपनी शादीशुदा जिंदगी में मस्त हो जाएगे तो उनके बीच रहते हुए भी आप अलग-थलग हो जाएंगे क्योंकि उनकी सोच, भविष्य के सपने, बातचीत के टॉपिक अपने परिवार व बच्चों से जुडें होंगे और आपके पास इन टॉपिक्स पर बात करने के लिए कुछ नहीं होगा।