कहीं आप आप पार्टनर को इमोशनली चीट तो नहीं कर रहे?
December 11th, 2020 | Post by :- | 114 Views

रिश्तों की बुनियाद विश्वास और ईमानदारी पर टिकती है. जब यह बुनियाद हिलती है, तब रिश्ता चूर-चूर हो जाता है. पर हमने इस ईमानदारी की परिभाषा को बहुत ही संकीर्ण कर लिया है. रिश्ते में ईमानदारी का केवल यही मतलब लगाया जाता है कि हम अपने वैवाहिक या प्रेम संबंध के बाहर किसी से, किसी तरह के शारीरिक संबंध नहीं बना रहे हैं. शारीरिक संबंध बनाने को ही वफ़ा और बेवफ़ा होने का मानक बनाते समय हम यह बात भूल जाते हैं कि शारीरिक संबंधों से कहीं ज़्यादा ज़रूरत रिश्ते को भावनात्मक सहयोग, साथ और सपोर्ट की होती है. भावनात्मक चीटिंग या बेवफ़ाई से भी रिश्ते को उतना ही नुक़सान पहुंचा सकता है, जितना पार्टनर द्वारा किसी और के साथ शारीरिक संबंध बनाकर की जानेवाली चीटिंग. पर जैसा कि हमने पहले ही कहा है कि हमने अपने पैमाने को इतना छोटा बना लिया है कि अक्सर हमें पता ही नहीं चलता कि हम अपने पार्टनर के साथ इमोशनल चीटिंग कर रहे हैं या हमारे साथ ऐसा कुछ हो रहा है. यहां हम उन पांच संकेतों के बारे में बात करने जा रहे हैं, जो बताते हैं कि अगर आपके साथ ऐसा कुछ हो रहा है तो समझिए कि आपके रिश्ते में सबकुछ चंगा नहीं है.

इमोशनल चीटिंग का पहला संकेत: आप अपने पार्टनर को हमेशा किसी से कंपेयर करते रहते हैं
आपका पार्टनर आपके लिए चाहे कितना कुछ क्यों न कर दे, आप संतुष्ट नहीं होते. आपको हमेशा उसमें कोई न कोई खोट ही नज़र आती है. आप उससे अक्सर किसी व्यक्ति का नाम लेकर कहते हैं,‘देखो वह कैसे करता/करती है. तुम उसकी बराबरी नहीं कर सकते.’
ऐसा बार-बार कहकर आप अपने पार्टनर को यह एहसास कराते हैं कि वह उस तरह का नहीं है, जैसा पार्टनर आपको चाहिए. आप उसकी जगह किसी और को अपने पार्टनर के तौर पर देखना चाहते हैं. जब हम किसी को उसके वास्तविक रूप, उसकी अच्छाइयों-बुराइयों के साथ मन से नहीं स्वीकार कर पाते, तब उसके साथ ज़िंदगीभर रहकर उसके और अपने दोनों के साथ चीटिंग कर रहे होते हैं. क्या आपके प्रति उसकी भावनाओं की कोई क़द्र नहीं है? उसके साथ शारीरिक संबंध बनाना, साथ में ज़िंदगी गुज़रना, पर मानसिक रूप से दूर-दूर रहना बेशक भावनात्मक चीटिंग है.

इमोशनल चीटिंग का दूसरा संकेत: आप अपने पार्टनर से अपने दिल की बातें नहीं कहते
हम सभी दिनभर के काम से जब थककर चूर हो जाते हैं, तब उम्मीद करते हैं कि घर पहुंचकर पार्टनर से सारी बातें करेंगे. उसे बताएंगे कि दिन कैसा रहा. क्या-क्या अच्छा हुआ, कौन-सी बातें मनमुताबिक़ नहीं रहीं. आमतौर पर सभी शादीशुदा जोड़े अपनी ज़िंदगी की छोटी-मोटी बातें, सुख-दुख एक-दूसरे से शेयर करते हैं. अगर आप ऐसा फ़ील नहीं करते कि पार्टनर के साथ इन सभी बातों को शेयर करना ज़रूरी है, ख़ासकर वो बातें जो आपको बेहद परेशान कर रही हों या अंदरूनी ख़ुशी का अनुभव करा रही हों. अपनी सफलता, अपने डर, अपनी हताशा पार्टनर से शेयर करने के बजाय आप बाहर किसी और से साझा करते हैं तो यह भी भावनात्मक चीटिंग ही है. क्योंकि हम अपनी बातें शेयर करके, दूसरों की बातें सुनकर अपनी ज़िंदगी में उसकी अहमियत को बढ़ा रहे होते हैं. तो अगर आप अपनी ज़िंदगी में पार्टनर के अलावा किसी और की अहमियत बढ़ा रहे हैं तो यह साफ़तौर पर चीटिंग ही है.

इमोशनल चीटिंग का तीसरा संकेत: आप वैवाहिक रिश्ते के बाहर सेक्स नहीं कर रहे, पर पार्टनर से भी फ़िज़िकली दूर हो गए हैं
इन दिनों आपकी पार्टनर के साथ सेक्स करने में आपकी इच्छा कुछ ज़्यादा ही कम हो गई है. ऐसे मामलों में ऐसा मान लिया जाता है कि आपका किसी दूसरे के साथ संबंध होगा, पर आपके साथ ऐसा भी नहीं है. फिर इसमें चीटिंग की बात तो नहीं आनी चाहिए, पर यह भी एक तरह की इमोशनल चीटिंग ही है. हो सकता है सेक्स न करने के कई दूसरे कारण हों, जैसे-समय न मिल पाना, आप दोनों की बीच हुआ झगड़ा, मूड न बन पाना या दूसरे भावनात्मक उतार-चढ़ाव. पर इन सभी कंडीशन्स के बावजूद यदि आप किसी दूसरे व्यक्ति के प्रति आकर्षण का अनुभव करते हैं, पर पार्टनर के प्रति नहीं तो अपने रिश्ते की एक बार समीक्षा कीजिए. आप भले ही फ़िज़िकली न सही, इमोशनली बेवफ़ाई की राह पर तो चल ही पड़े हैं.

इमोशलन चीटिंग का चौथा संकेत: आप बिस्तर पर किसी और को फ़ैंटसाइज़ करते हैं
आपके रिश्ते में सेक्स की गाड़ी पटरी से उतर गई है. इस बात का अंदाज़ा आप दोनों को ही है. फिर भी आप दोनों ने सेक्स की गाड़ी को ट्रैक पर लाने के लिए संबंध बनाना शुरू कर दिया है. लेकिन यहां दिक़्क़त यह हो रही है कि आप बिस्तर पर तो पार्टनर के साथ होते हैं, पर आपके दिमाग़ में तो कोई और ही होता है. यानी आप पार्टनर की जगह किसी और को फ़ैंटसाइज़ कर रहे हैं. सीधे शब्दों में कहें तो आपके क़दम तेज़ी से भावनात्मक बेवफ़ाई की ओर बढ़ रहे हैं.

इमोशनल चीटिंग का पांचवां संकेत: आप अपने व्यवहार और प्राथमिकताओं में बदलाव महसूस कर रहे हैं
जब हमारे साथ कुछ ग़लत होता है या हम कुछ ग़लत कर रहे होते हैं, तब उसका सबसे पहले एहसास हमें ही होता है. अगर पिछले कुछ दिनों से पार्टनर के प्रति आपका व्यवहार बदल गया है. यह बदलाव सकारात्मक नहीं है. आपके व्यवहार के चलते रिश्ते में दूरी आ रही है. या अब पार्टनर आपकी प्राथमिकता नहीं रहा, तो भी आपका रिश्ता ग़लत दिशा में आगे बढ़ रहा है. जहां पहले आप पार्टनर से मिलने के लिए बेताब रहते थे, उससे सारी बातें शेयर करते थे, अब आपको ऑफ़िस से घर लौटने की कोई ख़ास जल्दी नहीं होती. ऑफ़िस में सबसे देरी तक रुकनेवालों में आपका नाम है, तो समझ जाइए कि आप पार्टनर के साथ भावनात्मक बेवफ़ाई कर रहे हैं.
इन पांचों में आपके रिश्ते में चाहे जो भी लक्षण दिख रहे हों. अगर यह लेख पढ़ने के बाद आपको भी फ़ील हो रहा है कि आप या पार्टनर आपके साथ इमोशल चीटिंग कर रहा है तो इस बारे में खुलकर बात करें. अपना पक्ष रखें, पार्टनर का पक्ष समझने की कोशिश करें. कई बार खुले दिल से की जानेवाली बातचीत से बड़ी से बड़ी ग़लतफ़हमियां दूर हो जाती हैं. ऑल द बेस्ट.