सेक्स लाइफ़ का साइलेंट किलर है डिप्रेशन… ये हैं इसके 3 ख़तरनाक वार
December 16th, 2020 | Post by :- | 170 Views

आपकी सेक्स लाइफ़ के जो छुपे हुए कई दुश्मन हैं, उनमें से एक बड़ा ही घातक दुश्मन है डिप्रेशन यानी स्ट्रेस. वैसे डिप्रेशन आपके जीवन के हर क्षेत्र में परेशानी क्रिएट करता है, पर अंतरंग संबंधों के साथ तो उसकी ख़ास दुश्मनी है. अगर वक़्त रहते इसके शुरुआती संकेतों को समझकर हैंडल नहीं किया गया तो यह गहले अवसाद में कन्वर्ट हो जाता है, जिससे निकल कर बाहर आ पाना बहुत ही कठिन होता है. यह तो आपको पता ही होगा कि डिप्रेशन की शुरुआत स्ट्रेस से होती है. जब स्ट्रेस लंबे समय तक बना रहता है, हम उससे लड़ते-लड़ते हारने लगते हैं, तब पता भी नहीं चलता हम ख़ुद को बेहद अलग-थलग और असहाय स्थिति में पाते हैं, यह होता है डिप्रेशन.
लाइफ़ क्वॉलिटी इंडेक्स के कई मानकों पर हमारा देश दुनिया के अधिकतर देशों से पिछड़ा हुआ है. एक आम भारतीय को घर और बाहर कई तरह के स्ट्रेस का सामना रोज़ाना करना पड़ता है, यही कारण है कि भारत को डिप्रेशन की राजधानी कहा जाने लगा है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के एक अध्ययन के मुताबिक़ भारत दुनिया का सबसे डिप्रेस्ड देश है. देश की कुल जनसंख्या का 36% हिस्सा इस मानसिक डिस्ऑर्डर का सामना कर रहा है.
उसी अध्ययन में यह बात सामने आई कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में डिप्रेशन का ख़तरा अधिक होता है. हालांकि डिप्रेशन महिला और पुरुष दोनों की ही सेक्स लाइफ़ पर एक समान प्रभाव डालता है. अगर डिप्रेशन को सेक्स लाइफ़ का साइलेंट किलर कहें तो अतिश्योक्ति नहीं होगी. अगर आपकी सेक्स लाइफ़ पिछले कुछ समय से इन तीन समस्याओं से जूझ रही हो तो समझ जाएं कि डिप्रेशन आपको अपनी जकड़न में ले चुका है.

सेक्स लाइफ़ पर डिप्रेशन का पहला वार: सेक्स की आपकी इच्छा ही ख़त्म हो गई है 

सेक्स उन शारीरिक गतिविधियों में एक है, जो हमें ख़ुशी और संतुष्टि का अनुभव कराते हैं. अगर आपने ख़ुद की या पार्टनर की सेक्स की इच्छा में भारी गिरावट देखी है तो यह संकेत ठीक नहीं है. पता करें कि क्या पिछले कुछ दिनों से आप तनाव में तो नहीं थे. अगर हां, तो ख़त्म हो रही सेक्स की इच्छा यह बताती है कि आप तनाव के अगले स्टेज पर पहुंच चुके हैं. डिप्रेशन के दौरान हमारे दिमाग़ में कई तरह के केमिकल चेंजेस होते हैं, क्योंकि हमारा मस्तिष्क उससे लड़कर बाहर निकलना चाहता है. जब दिमाग़ डिप्रेशन से लड़ने में अधिक समय और ऊर्जा लगाता है, तब शरीर अपनी बाक़ी की गतिविधियों की दर को धीमा कर देता है. दिमाग़ी रूप से थका शरीर उन गतिविधियों से दूर होने लगता है, जिसमें ऊर्जा की ज़रूरत होती है. व्यायाम और सेक्स ऐसी ही दो गतिविधियां हैं. अगर आपका डिप्रेशन का इलाज चल रहा है तो भी आपका सेक्स ड्राइव काफ़ी कम हो चुका होता है, क्योंकि इसकी कुछ दवाइयां दिमाग़ को उत्तेजित होने से रोकती हैं.

सेक्स लाइफ़ पर डिप्रेशन का दूसरा वार: आप आर्गैज़्म तक नहीं पहुंच पाते या इसमें बहुत समय लगता है 

जहां गंभीर डिप्रेशन सेक्स की इच्छा को ही ख़त्म कर देता है, वहीं इसकी शुरुआत सेक्स की इच्छा तो नहीं ख़त्म करता, पर इसके आनंद को किल करने का काम करता है. कई रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि डिप्रेस्ड महिलाओं को वैसे तो सेक्स में इंट्रेस्ट ख़त्म हो जाता है, बावजूद इसके यदि पार्टनर की इच्छा के अनुसार उन्हें सेक्स करना पड़ा, तो वे चरम तक नहीं पहुंच पातीं. अगर चरम तक पहुंचती भी हैं तो उसमें सामान्य दिनों की तुलना में बहुत अधिक समय लगता है. तो अगर आपने यह नोटिस किया कि चरम तक पहुंचने में आपको बहुत अधिक समय लगता है या अतिरिक्त प्रयास करना पड़ रहा है तो आपको सचेत हो जाना चाहिए. डिप्रेशन आपको अपने चंगुल में लेने जा रहा है.

सेक्स लाइफ़ पर डिप्रेशन का तीसरा वार: उत्तेजना का अनुभव ही नहीं होता
डिप्रेशन का यह दुष्परिणाम महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. कारण सिंपल है, पुरुषों की मानसिक उत्तेजना उनके पीनस के उत्तेजना से लिंक्ड होती है. महिला हो या पुरुष उन्हें सेक्स में उत्तेजना का अनुभव इस क्रिया में मिलनेवाले संभावित आनंद के बारे में सोचकर मिलती है. हम आनंद की कल्पना तभी करते हैं, जब हमारा दिमाग़ फ्रेश होता है. हम ख़ुश होते हैं. किसी तरह की चिंता या बोझ का अनुभव नहीं कर रहे होते हैं.
यदि आपका पार्टनर सेक्स के दौरान फ़िज़िकली उत्तेजना का अनुभव नहीं कर पा रहा है या आप भी शारीरिक रूप से इंटरकोर्स के लिए रेडी नहीं हो पा रही हैं तो इसका एक कारण डिप्रेशन भी हो सकता है. आपका दिमाग़ इस तरह की गतिविधियों के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है.