बातें, जो ब्रेकअप से पहले डिस्कस करनी चाहिए …
August 22nd, 2020 | Post by :- | 158 Views

जब हमारा रिश्ता अच्छा नहीं चल रहा होता, उस समय हमारे दिमाग़ में कई बातें चल रही होती हैं. हम पहले तो रिश्ते को सुधारने के बारे में सोचते हैं, और यदि उसमें क़ामयाबी नहीं मिली तो ब्रेकअप का ख़्याल आता है. ब्रेकअप करना आसान नहीं होता. हालांकि ख़राब रिश्ते को ढोने के बजाय आज भी इसे एक बेहतर विकल्प माना जाता है. चीज़ें तब और आसान हो जाती हैं, जब दोनों ही पार्टनर्स को महसूस होता है कि उन्हें इस विकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए. आप दोनों क्या करते हैं, यह पूरी तरह से आपका फ़ैसला है, पर हम तो यही सलाह देंगे कि हमेशा-हमेशा के लिए अपने रास्ते अलग करने से पहले एक-दूसरे से कुछ मुद्दों पर खुलकर बात कर लेनी चाहिए. इसके कई ऐसे फ़ायदे होते हैं, जो बातचीत शुरू करने से पहले हमें नज़र नहीं आते. कई बार ऐसा भी होता है कि ईमानदारी से की गई बातचीत टूटते रिश्ते को जोड़ देती है. आइए फ़िलहाल जान लेते हैं, हमें किन मुद्दों पर खुलकर बातचीत करनी चाहिए.

1. अपनी बातचीत के अंदाज़ पर बातचीत करें
दुनिया में जितनी भी लड़ाइयां होती हैं, उनमें से 99% का कारण ग़लत ढंग से शुरू की गई बातचीत होती है. आपके रिश्ते में आ रही खटास भी अपवाद नहीं है. अब तो आप दोनों अलग होने का फ़ैसला कर ही चुके हैं तो क्यों न रिश्ते के दौरान किस तरह एक-दूसरे से बातचीत करते थे, उसपर बात कर लें. आप कहीं न कहीं मिस कम्यूनिकेशन को रिश्ते में आई दूरी का एक बड़ा कारण मानेंगे. इस बात की भी संभावना है कि इस समस्या को सॉल्व करने की पहल करने से आपका रिश्ता बच जाए. हम उतना आगे तक सोचने के बारे में नहीं कह रहे हैं, यदि रिश्ता बचाना इस बातचीत का लक्ष्य न हो, तो भी यहां बिगड़ी बात से आगे के लिए तो सबक ले ही सकते हैं.

2. चलते-चलते अच्छी बातों पर बात कर लें   
जब हम किसी के साथ कुछ साल या मान लें कुछ महीने ही बिताते हैं तो उस व्यक्ति के अंदर कुछ न कुछ अच्छा तो ज़रूर ही रहा होगा. आप दोनों इस बारे में बात कर सकते हैं कि वह कौन-सी चीज़ थी, जिसके चलते एक-दूसरे के क़रीब आए. अच्छे दिनों में आपका रिश्ता कैसा हुआ करता था. आप दोनों को एक-दूसरे की कौन-सी बातें पसंद थीं. आप एक-दूसरे को स्पेशल फ़ील कराने के लिए क्या किया करते थे. दरअस्ल, जब आप किसी भी रिश्ते की सकारात्मक बातों को याद करते हैं तब वक़्त द्वारा उन बातों पर जमा की गई धूल को झाड़ने की कोशिश भी करते हैं. हो सकता है पॉज़िटिव पहलुओं पर बात करने के बाद आप दोनों अलग होने के बजाय एक बार अपने रिश्ते को फिर से चांस देने का मन बना लें.

3. उन बातों की अनदेखी न करें, जिनसे बुरी तरह खीझ जाते थे
अब आप दोनों ब्रेकअप के कगार पर हैं तो ज़ाहिर है, आपके बीच कई ऐसी बातें हुई होंगी, जिन्होंने आपको एक-दूसरे से दूर किया होगा. जाते-जाते इस मुद्दे पर खुले दिमाग़ से की गई बातचीत से आपको रिश्ते को सही तरीक़े से निभाने की ज़रूरी सीख मिल जाएगी. इस मुद्दे पर बातचीत का इरादा किसी को नीचा दिखाना या रिश्ता टूटने का पूरा ब्लेम उसके मत्थे मढ़ना नहीं होना चाहिए. जब इस टॉपिक पर सामनेवाला बोल रहा हो तो धैर्य से उसकी बातें सुनें, बजाय हर लाइन के बाद सफ़ाई देने के. बतौर इंसान बेहतर बनने में यह बातचीत आपकी मदद करेंगे. इसका कारण यह है ‌कि अपनी खीझ पैदा करनेवाली आदतें हमें कभी अजीब नहीं लगतीं, उस बारे में सही-सही वही व्यक्ति बता सकता है, जिसके साथ हम लंबे समय तक रह चुके होते हैं. बातें, जिनसे आपको ठेस पहुंचती थी उसके बारे में जब आप खुलकर बता देते हैं, या सामनेवाले का पक्ष जान लेते हैं तब रिश्ते से निकलना काफ़ी आसान हो जाता है. सबसे अच्छी बात यह होती है कि आपकी दोस्ती बरकरार रहती है.

4. इस रिश्ते से आपकी क्या उम्मीदें थीं?
अगर दुनिया में उम्मीदें न होतीं तो झगड़े न होते. यदि इस समय आप दोनों झगड़ा कर-करने थक चुके हैं तो समझ‌िए आपने उम्मीद छोड़ दी है. ख़ैर यह बात हुई फ़िलॉसफ़ी की. अलग होने से पहले आप दोनों को इस रिश्ते से जुड़ी उम्मीदों के बारे में डिस्कस कर लेना चाहिए. आप प्यार चाहते थे, पैसा, स्टैबिलिटी या सम्मान? जब आपसी बातचीत से यह क्लीयर हो जाएगा तो आपको अपने आप पता चल जाएगा कि आपका रिश्ता क्यों नहीं चला. उम्मीदों के बारे में चर्चा कर लेने से न केवल आप भविष्य के रिश्ते को लेकर क्लीयर हो जाएंगे, बल्कि आपको अपने व्यक्तित्व का भी अंदाज़ा हो जाएगा.

5. एक-दूसरे का पक्ष ज़रूर सुनें
आप रिश्ते के इस स्थिति पर पहुंचने को लेकर बहुत ग़ुस्सा हैं. जब हम ग़ुस्सा होते हैं, तब अपने हिस्से की गिल्ट को दूसरे की ओर ट्रान्स्फ़र कर देते हैं. एक समय बाद हमें यह महसूस भी नहीं होता कि हमारी भी ग़लती हो सकती है. आपसी रिश्ते पर भी यही ‌थीयरी काम करती है. एक-दूसरे पर भड़ास निकालकर रिश्ता तोड़ लेना सबसे आसान तरीक़ा है. पर जो सबसे आसान है, वह सबसे सही भी हो ज़रूरी नहीं है. तो ब्रेकअप को थोड़ा मुश्क़िल बनाने का फ़ैसला करें और एक-दूसरे से ब्रेकअप का कारण जानने की कोशिश करें. शर्त यह रखें कि जब सामनेवाला अपनी बात बता रहा होगा तो आप कोई बहस या वाद-विवाद नहीं करेंगे. अपने रिश्ते को पार्टनर की नज़र से देखने के बाद आपको वाक़ई कई ऐसी बातों के बारे में पता चलेगा, जिनके बारे में पहले से कोई अंदाज़ा नहीं था. यह भी ज़रूरी नहीं कि पार्टनर को आपके अंदर ही बुराइयों का भंडार दिखाई देता होगा. इस बात की भी काफ़ी संभावना है ‌कि वह इस रिश्ते के टूटने का कारण ख़ुद को समझता होगा.

कुल मिलाकर हमारा यही कहना है. ब्रेकअप से पहले एक आख़िरी बार बातचीत करके तो देखें, उसके बाद कई संभावनाएं पैदा होंगी. कई रास्ते दिखेंगे, खुलेंगे. और आपके लिए फ़ैसला लेना आसान हो जाएगा.