5 कारण, जिनके चलते महिलाएं सेक्स से बना लेती हैं दूरी
August 24th, 2020 | Post by :- | 427 Views

कई बार महिलाएं पुरुषों को स्वार्थी कहती हैं, क्योंकि उन्हें लगता है बिस्तर पर वे अपनी संतुष्टि की तलाश में उन्हें नज़रअंदाज़ कर देते हैं. हालांकि यह बात सभी महिलाओं पर लागू नहीं होतीं, पर कई शोधों में यह बात सामने आई है कि वैवाहिक रिश्तों या लंबे समय के प्रेम संबंधों में एक समय ऐसा भी आता है, जब महिलाएं ख़ुद को सेक्स और सेक्शुअल ऐक्टिविटीज़ से अलग कर लेती हैं. ऐसा वे अपनी सेक्स लाइफ़ असंतुष्ट होने के चलते करती हैं. महिलाओं के अपनी सेक्स लाइफ़ से असंतुष्ट होने के कई कारण हैं, जैसे सबसे पहला कारण इस बारे में पहल करने और खुलकर अपनी इच्छा बताने से परहेज़. आइए जानें, ऐसे ही पांच कारणों को, जिनसे चलते वे एक समय बाद सेक्स से सुरक्षित दूरी बना लेती हैं.

पहला कारण: इमोशनल बॉन्डिंग का कमज़ोर हो जाना यह सबकी जानी समझी बात है कि महिलाएं सेक्स के लिए सबसे पहले लगाव यानी इमोशनल जुड़ाव की भावना को पनपने देती हैं. वे चाहती हैं कि यह भावना बरकरार रहे. यदि उन्हें लगता है कि रिश्ते में उन्हें प्यार, सम्मान और स्नेह नहीं मिल पा रहा है तो वे बहुत तेज़ी से सेक्स के प्रति विमुख होती जाती हैं. वे अंतरंग पलों का उस तरह आनंद नहीं ले पातीं. यदि यह स्थिति अधिक समय तक बनी रही तो वे सेक्स के प्रति पूरी तरह से अनिच्छुक हो जाती हैं. वे कभी-कभी महज़ पार्टनर का मन रखने के लिए भले सेक्स कर लें, पर इस गतिविधि को बिल्कुल भी एन्जॉय नहीं करतीं.

दूसरा कारण: व्यस्तता भी चुरा लेता है रूमानी पलों को आजकल महिलाओं को समान अधिकार और आज़ादी देने के नाम पर उन्हें पहले से कहीं अधिक बिज़ी बना दिया गया है. बेशक, अपने शौक़ को पूरा करना, अपनी क्षमता का सही इस्तेमाल करना उनका पहला हक़ है, पर उनका यह भी हक़ है कि ऑफ़िस के बाद जब वे घर आएं तो उनका पुरुष पार्टनर भी घर के कामों में उतना हाथ बंटाए. पर चुनिंदा मामलों को छोड़कर ऐसा देखने मिलता नहीं. ऐसे में घर-परिवार की दोहरी ज़िम्मेदारी निभाना उन्हें बुरी तरह थकाकर चूर कर देता है. ज़ाहिर है, जब कोई शारीरिक रूप से थका होगा तो सेक्स करने की इच्छा तो नहीं ही पैदा होगी ना!

तीसरा कारण: सेक्स लाइफ़ में स्पार्क की कमी हर शादीशुदा जोड़ा कुछ सालों के बाद अंतरंग संबंधों की बारंबारता यानी फ्रीक्वेंसी कम कर देता है. ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि वे एक-दूसरे के शरीर और मूव्स से भली प्रकार से परिचित हो चुके होते हैं. सेक्स लाइफ़ बोरिंग हो जाती है. चूंकि आमतौर पर महिलाएं सेक्स में पहल करने से बचती हैं तो
डायरेक्टली-इनडायरेक्टली यह पुरुष पार्टनर की ज़िम्मेदारी हो जाती है कि वह बोरिंग सेक्स लाइफ़ में स्पार्क भरे. यदि वह ऐसा कर पाने में क़ामयाब होता है तो उनकी सेक्स लाइफ़ पटरी पर दौड़ पड़ती है, अगर नहीं तो महिलाएं अगल-अलग बहाने बनाकर सेक्स से दूरी बना लेती हैं. अगर आपका रिश्ता ऐसे पड़ाव पर आ खड़ा हुआ है तो अपनी फ़ैंटसी को हवा देकर उसे जगाइए.

चौथा कारण: अपने शरीर को लेकर सहज फ़ील न करना हम सब अपने शरीर के लुक को लेकर काफ़ी संवेदशील होते हैं. पुरुषों की तुलना में महिलाएं अपने शरीर को लेकर तो एक्स्ट्रा सेंसिटिव होती हैं. वज़न बढ़ने या स्ट्रेच मार्क्स जैसे कारणों के चलते उनका अपने शरीर को लेकर कॉन्फ़िडेंस कम हो जाता है. वे सेक्सी नहीं फ़ील करतीं और पार्टनर के सामने बिना कपड़ों में आने से झिझकती हैं. इसका असर सेक्शुअल इंटिमेसी पर भी होता है. वे सेक्स के दौरान इस प्रक्रिया का आनंद उठाने के बजाय अपने शरीर के बारे में सोचती रहती हैं. असंतुष्टिदायक सेक्स आगे चलकर सेक्स से दूरी का कारण बन जाता है.

पांचवां कारण: सेक्स में संतुष्टि का अनुभव न कर पाना यह बात कई शोधों में सामने आ चुकी है कि उन महिलाओं की बड़ी संख्या है, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी में कभी भी ऑर्गैज़्म का अनुभव नहीं किया है. अगर वैवाहिक संबंध में महिलाएं लंबे समय तक सेक्शुअल संतुष्टि का अनुभव नहीं करतीं तो वे सेक्स के प्रति उदासीन हो जाती हैं. हालांकि इसकी थोड़ी जि़म्मेदारी महिलाओं की शर्मीली प्रवृत्ति को भी जाती है. अब भी कई ऐसी महिलाएं हैं, जो पार्टनर से खुलकर अपनी सेक्शुअल इच्छाओं का इज़हार नहीं करतीं. ऐसी स्थिति न आए इसलिए दोनों पार्टनर को अपनी सेक्स लाइफ़ के बारे में खुलकर डिस्कशन करना चाहिए.