ऑर्गेज्म पाने में सामान्य महिलाओं से आगे होती हैं लेस्बियन महिलाएं, आप भी जानें टिप्स
August 15th, 2020 | Post by :- | 194 Views

जब भी कपल्स की बात की जाती है तो जेहन में महिला और पुरुष का ख्याल ही आता है। मगर इसके समानांतर एक और दुनिया भी है जो समाज का हिस्सा है, पर कुछ लोग उन्हें स्वीकार करने से कतराते हैं।

जब दो लड़कियां एक दूसरे को पार्टनर के तौर पर चुनती हैं तब वो लेस्बियन कपल्स कहलाती हैं। विदेशों के आलावा भारत में भी कई लेस्बियन कपल्स शादी करके साथ रह रहे हैं और सामान्य जीवन गुजार रहे हैं।

हाल ही में एक अध्ययन में ये बात सामने आयी है कि शारीरिक संबंध बनाने के दौरान ऑर्गेज्म पाने के मामले में लेस्बियन महिलाएं उन महिलाओं से आगे हैं जिनके साथी पुरुष हैं।

क्या कहती है ये स्टडी

आपको बता दें कि इस स्टडी में 21 से 65 उम्र के 6500 पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया था। अमेरिका के इंडियाना विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के मुताबिक सामान्य तौर पर जब पुरुष अपने परिचित पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध बनाते हैं तो औसतन 85 प्रतिशत चरमोत्कर्ष को प्राप्त कर लेते हैं। वहीं महिलाओं में इसका प्रतिशत 63 है। लेस्बियन महिलाओं की बात करें तो सेक्स के दौरान 75 फीसदी पार्टनर्स को ओर्गेज्म मिलता है। स्ट्रेट रिलेशनशिप वाली महिलाएं 62 फीसदी, जबकि पुरुष और महिला दोनों से संबंध बनाने वाली (बाईसेक्सुअल) महिलाएं 58 फीसदी चरमोत्कर्ष की प्राप्ति करती हैं।

लेस्बियन महिलाओं में ओर्गेज्म का प्रतिशत अधिक क्यों?

इसके पीछे एक बहुत बड़ा तर्क ये दिया जा रहा है कि लेस्बियन महिलाएं शरीर के उन हिस्सों के बारे में भली भांति जानती हैं जिनसे महिलाएं उत्तेजित हो जाती हैं। यही वजह है कि वो अपनी महिला पार्टनर को ओर्गेज्म दिलाने में ज्यादा सफल हैं।

ये टिप्स आपके रिलेशनशिप में आ सकते हैं काम

हर समय आपकी इच्छा ही पूरी हो ये जरुरी नहीं है। कई बार आपको पार्टनर कि ख़ुशी का ध्यान रखना भी जरुरी है। इससे रिलेशनशिप मजबूत होता है। इंटिमेट रिलेशनशिप बनाते समय आपको अपने साथी की इच्छा को भी महत्ता देनी चाहिए। चाहे आप लेस्बियन पार्टनर हैं या स्ट्रेट, आपको एक दूसरे की संस्कृति और परम्परा का सम्मान करना चाहिए। पार्टनर के साथ काम में मदद कराएं। उन्हें हग करें, उनका हाथ पकड़ें, ये सब एहसास रिश्तों को सुखद बनाते हैं। यदि रिलेशनशिप में पार्टनर खुश नहीं है तो उस से बात करें और उसकी समस्या को समझने की कोशिश करें। अपने पार्टनर को कभी भी हीन भावना से ग्रसित न होने दें।