बच्चों को यूं सिखाएं झगड़े से निपटना ….
September 1st, 2020 | Post by :- | 127 Views

यदि आपके बच्चे छोटे हैं तो आपने ये शिकायतें तो सुनी ही होंगी, कि ‘वह मुझे खेलने नहीं दे रहा है’, ‘वह मुझे अपनी पेंसिल नहीं दे रही है’, ‘मैं उन लोगों के साथ नहीं खेलूंगी’. भाई-बहन या दोस्तों को लेकर अक्सर बच्चे इसी तरह की शिकायतें करते हैं. मतभेद होना स्वाभाविक है. ऐसे में बच्चों को शुरू से मतभेदों को स्वीकारने और इसे अच्छी तरह संभालने के तरीक़े सिखाएं, ताकि आगे चलकर वे ख़ुद पर सय्यम बनाए रख सकें.

हमदर्दी करना सिखाएं:
बच्चों को समझाएं कि उनके दोस्त या कज़न्स के मन में क्या चल रहा होगा. उन्हें बताए कि हो सकता है कि उनके पास ऐसा खिलौना न हो और वे निराश हों या उन्हें ईर्ष्या हो रही हो तो उनके इस व्यवहार पर चिढ़ने के बजाय उन्हें समझने की कोशिश करें. इसी दौरान आप उन्हें समझा सकती हैं कि वे जब उनकी जगह होते हैं यानी उनकी तरह महसूस करते हैं तो उन्हें क्या करना चाहिए.

समस्या सुलझाना सिखाएं:
झगड़ों को सुलझाने के बजाय आप उन्हें समस्या का समाधान ख़ुद ही ढूंढ़ना सिखाएं. उदाहरण के लिए उनसे कहें कि वे बारी-बारी खिलौने खेलें. हो सकता है कई बार उन्हें मामला सुलझाने में दिक्कत हो तो उन्हें विश्वास दिलाएं कि आप उन्हें बेहतर सुझाव दे सकती हैं. अतः वे दुविधा की स्थिति में सबसे पहले आप के पास आएं.

ग़लतियों को स्वीकारना सिखाएं:
यह एक ऐसा सुझाव है जो हम जैसे परिपक्व लोग भी नहीं कर पाते, लेकिन असलियत तो यही है कि सॉरी कह भर देने से बड़ी-बड़ी बहसों से बचा जा सकता है. अपने बच्चों को ग़लती करने के बाद उत्तेजित होने के बजाय शांत रहकर ग़लती को समझने और माफ़ी मांगने के लिए कहें. उनसे कहें कि माफ़ी मांगने में कोई बुराई नहीं है, क्योंकि ग़लतियां हर किसी से हो सकती है. बस, इसे दोहराए नहीं.

रिलैक्स होने का तरीक़ा सिखाएं:
उन्हें रिलैक्स रहने और ग़ुस्सा आने पर ख़ुद को शांत करने के तरीक़े सिखाएं. जैसे उनसे कहें कि जब भी उन्हें ग़ुस्सा आए, कुछ लंबी सांसें लें या फिर वहां से हट जाएं या कहीं और ध्यान दें.

रोल मॉडल बनें:
बच्चे आमातौर पर वही चीज़े करते और सीखते हैं, जो वे घर पर देखते हैं इसलिए जब आपके और आपके पार्टनर के बीच वाद-विवाद हो रहा हो तो भाषा का ख़्याल रखें. कोशिश करें कि आप बच्चों के सामने बहस न करें और एक-दूसरे पर चिल्लाएं तो बिल्कुल नहीं. इससे उनपर ग़लत असर पड़ेगा.