अगर आप सौतेली मां हैं तो आपको ये 3 ग़लतियां ग़लती से भी नहीं करनी चाहिए
September 1st, 2020 | Post by :- | 179 Views

सौतेली मां होना आसान नहीं है. मां के आगे सौतेली जुड़ते ही अपने आप एक चित्र खिंचने लगता है. आप वास्तव में कैसी हैं उससे फ़र्क़ नहीं पड़ता लोग आपके बारे में कई बातें सोच कर बैठ जाते हैं. वहीं आपके पति के बच्चों को भी आपसे काफ़ी उम्मीदें होती हैं, पर साथ ही उनके मन में आपको लेकर एक संशय हमेशा बरक़रार रहता है, पता नहीं आप कैसी हों? बच्चे पहले तो अपनी मां की जगह आपको देने में वक़्त लगाते हैं, अगर उन्होंने आपके साथ तालमेल बिठा भी लिया तो यह दुनिया तो है ही, जो उन्हें सहानुभूति की
नज़रों से देखकर आपकी हर हरक़त को (चाहे वह अच्छी ही हो क्यों न हो) शक़ की नज़र से देखती है. पर अब चीज़ें बदल रही हैं, कई सौतेली मांओं यानी स्टेप मदर्स ने अपने पति के बच्चों के साथ अच्छा संबंध बनाकर यह बता दिया है कि एक अच्छी सौतेली मां बनना यक़ीनन संभव है. अगर आप भी सौतेली मां हैं और ख़ुद को अच्छी मां साबित करना चाहती हैं तो ये तीन ग़लतियां, ग़लती से भी न करें, सबकुछ ठीक हो जाएगा.

बहुत अधिक उतावलापन न दिखाएं
अच्छी मां बनने के बारे में सोचना अच्छी बात है, पर ख़ुद को अच्छी मां साबित करने की जल्दबाज़ी ठीक नहीं है. आप यह उम्मीद न रखें कि नए परिवार में आपके बच्चे आपको पहले ही दिन से अपना लेंगे. अगर आपको बच्चों की तरफ़ से नकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही हो तो दुखी न होइए. उन्हें समय दें कि वे आपको समझ सकें और ख़ुद भी उन्हें समझने में थोड़ा समय बिताएं. वहीं यदि आप अच्छी मां बनने के लिए उतावलापन दिखाएंगी तो हो सकता है कि लोग इसे आपका नाटक समझ लें और चीज़ें कभी न सही हों.

बहुत अधिक कोशिश न करें
यहां बहुत अधिक कोशिश का मतलब है बच्चों की निजी ज़िंदगी में ज़रूरत से अधिक इन्वॉल्व होने की कोशिश से है. आप बच्चों की दोस्त बन सकती हैं, पर ज़रूरत से दोस्ताना व्यवहार हो सकता है कि उन्हें हज़म न हो. यह न भूलें कि आप उनकी मां भी हैं. मां और बच्चे कितने भी ओपन और कूल हो जाएं वे दोस्त तो नहीं ही कहला सकते. बच्चों को दोस्त कहना और मानना किताबी बातें हैं. अधिक कोशिश में उनका दिल जीतने के लिए उन्हें महंगे गिफ़्ट देने के ख़्याल को भी दिमाग़ से निकाल बाहर करें. अपनी और बच्चों
की एक्सपेक्टेशन्स को वास्तविक रखेंगी तो बात बन जाएगी.

पति को अधिक समय न देना
शादी के बाद हर पत्नी अपने पति के साथ ज़्यादा से ज़्यादा समय बिताना चाहती है. ज़ाहिर है आप भी ऐसा ही सोचती होंगी. पर आपका मामला थोड़ा-सा अलग है. यदि आप अपने पति को अपने साथ समय बिताने के चक्कर में उसके बच्चों से दूर करेंगी तो पहले ही दिन से आप ख़राब सौतेली में की कैटेगरी में शामिल हो जाएंगी. भले ही आप दिल की अच्छी हों और बच्चों को सच में अपनाना चाहें, बात आसानी से नहीं बनेगी. वे आपको अपने पिता को छीननेवाली महिला के तौर पर देखेंगे. जैसा कि आमतौर पर सौतेली मांओं को देखा जाता है.