झूठ बोलते समय लोग करते हैं इन 5 वाक्यों का प्रयोग, बॉडी लैंग्वेज से भी जान सकते हैं पार्टनर बोल रहा है झूठ
September 6th, 2020 | Post by :- | 182 Views

पिछले दिनों अभिनेता इरफान खान और अभिनेत्री ऐश्वर्या राय की फिल्म जज़्बा का एक डायलॉग काफी वायरल हुआ था कि, “रिश्तों में भरोसा और मोबाइल में नेटवर्क न हो, तो लोग गेम खेलने लगते हैं।” इस बात में कितनी सच्चाई है, ये वही लोग जान सकते हैं जिन्हें रिश्ते में इस तरह की स्थितियों का सामना करना पड़ता है। दुनियाभर में हुए तमाम सर्वे बताते हैं कि रिलेशनशिप में कई बार मजबूरी में या कई बार जानबूझकर लोग अपने पार्टनर से झूठ बोलते हैं। अगर आपको भी लगता है कि आपके पार्टनर आपसे झूठ बोलते हैं तो आप उनकी बातों और बॉडी लैंग्वेज को थोड़ा ध्यान से देख-सुनकर इसका पता लगा सकते हैं। साइकोलॉजिस्ट्स के मुताबिक कुछ ऐसे वाक्य हैं, जो झूठ बोलने वाले लोग अक्सर इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा झूठ बोलते समय इंसान की बॉडी लैंग्वेज में भी कई छोटे-छोटे बदलाव आते हैं। आइए आपको बताते हैं झूठ बोलने वाले कौन से वाक्य बोलते हैं।

“मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता/चाहती…”

झूठ बोलते समय लोग अक्सर आपसे ज्यादा बात करने में कतराते हैं इसलिए उनकी बातों का फोकस इस बात पर ज्यादा रहता है कि बातचीत तो जल्दी से जल्दी समाप्त किया जा सके। इसलिए बातचीत को तुरंत खत्म करने के लिहाज से अक्सर लोग इस वाक्य का प्रयोग करते हैं कि वो इस बारे में बात नहीं करना चाहते हैं।

“मुझे याद नहीं कि मैंने ये कब कहा/किया/सुना”

झूठ बोलने वाले लोग अक्सर चीजों को भूलने का बहाना बनाते हैं। वो आपके सामने ऐसा जताने की कोशिश करने लगते हैं कि वो अक्सर चीजों को भूल जाते हैं इसलिए आपको सच बताने में असमर्थ हैं।

“पिछली बार तुमने खुद ऐसा कहा/किया था, तब मैंने कुछ नहीं बोला”

आरोप को कम करने के लिए प्रत्यारोप लगाना भी झूठ बोलने वालों की एक आसान पहचान है। जब व्यक्ति बहस में अपनी बात सिद्ध नहीं कर पाता है, तो वो मामले को हल्का करने के लिए पुराने दिनों से खोज-खोजकर उल्टा आप पर ही इल्जाम लगाने लगता है, जिससे आप डाउन पड़ जाएं।

“मुझे पहले से पता था कि तुम मेरा विश्वास नहीं करोगे/करोगी”

अक्सर जब सामने वाला कोई बात छिपा रहा होता है, तो अपना विश्वास बनाए रखने के लिए वो ऐसे वाक्यों का प्रयोग कर सकता है जैसे उसे पहले से इस स्थिति का अंदाजा था। ऐसा अक्सर वो लोग बोलते हैं, जो आपसे झूठ बोलते समय अपनी तरफ से कॉन्फिडेंट महसूस करते हैं यानी जिनके मन में डर नहीं होता है।

“तुम मुझपर ऐसे कैसे इल्जाम लगा सकते/सकती हो”

झूठ बोलने वाला व्यक्ति सीधे-सीधे इस बात को नहीं मानना चाहता है कि आप उसे दोषी समझें इसलिए अक्सर वो अपने बचाव में ऐसे वाक्यों का इस्तेमाल करता है कि आपको स्वयं अपने लगाए हुए इल्जामों को सत्यापित करें, अथवा मान लें कि वो सही है। इसलिए लोग अक्सर बोल देते हैं कि तुम मुझपर ऐसा इल्जाम कैसे लगा सकते/सकती हो।

बॉडी लैंग्वेज से पहचानें सामने वाला झूठ बोल रहा है अथवा नहीं

ऊपर बताई गई बातें हमेशा झूठ बोलने वाला ही कहेगा, ऐसा 100% सच नहीं हो सकता है। हम सिर्फ ये कहना चाहते हैं कि झूठ बोलने वाले अक्सर इन वाक्यों का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा बॉडी लैंग्वेज में आने वाले कुछ बदलाव भी झूठ पकड़ने में आपकी मदद कर सकते हैं।

  • अगर आप सीधा सवाल करते हैं, तो झूठ बोलते समय व्यक्ति अपने सिर की पोजीशन तुरंत बदल लेता है।
  • झूठ बोलने वाले व्यक्ति की सांस लेने की गति में अचानक परिवर्तन आता है। अक्सर झूठ बोलते समय लोग तेज सांस लेने लगते हैं।
  • झूठ बोलते समय सामने वाले की आंख में देखकर बात करना कठिन होता है, इसलिए अक्सर ऐसे लोग दूसरी तरफ देखकर बात करने लगते हैं। अगर वो भरोसा जीतने के लिए आपकी तरफ देखते भी हैं, तो सामान्य रहने के बजाय पलकें झुकाना बंद कर देते हैं और एकटक देखते हैं।
  • झूठ बोलते समय लोग एक ही बात या शब्द को बार-बार रिपीट करने लगते हैं।
  • झूठ बोलते समय अक्सर लोग जरूरत से ज्यादा चीजें एक्सप्लेन करने लगते हैं, यानी डिमांड से ज्यादा इंफॉर्मेशन देने लगते हैं।