पीरियड्स ना होने पर भी दर्द, क्या हो सकते हैं कारण
September 8th, 2020 | Post by :- | 173 Views

महिलाओं के पेट और कमर में दर्द होना पीरियड्स आने का सबसे आम संकेत होता है। मासिक धर्म के दौरान गर्भाशय की मांसपेशियों में संकुचन होने लगता है जिसके कारण महिलाओं को दर्द का अनुभव होता है। अगर आपको पीरियड्स नहीं आ रहे हैं और फिर भी आप दर्द का अनुभव कर रही हैं तो यह आपको परेशान कर सकता है। जो महिलाएं पीरियड्स का इंतजार कर रही है और सभी संकेत होने के बाद भी उन्हें पीरियड्स नहीं आ रहे तो ये उन्हें निराश कर सकता है। पेट में दर्द व खिंचाव होना और पीरियड्स ना होना अलग अलग संकेत हैं लेकिन इन दोनों संकेतों का एक समय में होना किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकता है। महिलाओं को ये जानना जरुरी है कि पीरियड्स ना होने पर भी दर्द होने के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं।

इंफ्लेमेट्री बोवेल डिजीज: इंफ्लेमेट्री बोवेल डिजीज के दौरान रोगी के पाचन तंत्र में लंबे समय तक सूजन और परेशानी होती है। इम्यून सिस्टम में होने वाली किसी परेशानी के कारण भी ये रोग हो सकता है। यह रोग पाचन तंत्र के हर हिस्से को प्रभावित करता है। इस रोग के कारण आपको पेट के निचले और मध्य भाग में खिंचाव और दर्द होता है। यह दर्द हल्का या गंभीर भी हो सकता है। इस रोग के दौरान वजन घटना और कब्ज होने जैसे संकेत भी दिखते हैं।

ओवुलेशन: पीरियड्स ना होने पर भी दर्द होने के पीछे ओवुलेशन भी एक कारण हो सकता है। अगर आप मेनोपोज की अवस्था में नहीं हैं और मेन्सट्रुअल साइकिल के बीच आपको दर्द हो रहा है तो हो सकता है कि आपकी ओवरीज में एग रिलीज होने के कारण आपको दर्द का अनुभव हो रहा हो। पीरियड्स से 10-14 दिन पहले ओवरीज संभावित प्रेग्नेंसी के लिये एग रिलीज करती है। आपको इस दौरान पेट के नीचे वाले हिस्से में एक तरफ दर्द होगा।

ओवरियन सिस्ट: ओवरी पर बनने वाले छालों को ओवरी सिस्ट कहा जाता है। इन छालों में एक तरह का तरल पदार्थ भरा होता है। ओवरी में फॉलिकल सिस्ट और कोर्पस लूटियम सिस्ट, दो तरह के सिस्ट होते हैं जो पीरियड्स के बिना होने वाले पेट दर्द का कारण बन सकते हैं। इस तरह के सिस्ट ओवरी में एग रिलीज होने के बाद हो सकते हैं। इनके दौरान आपके पेट के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है।

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी(अस्थानिक गर्भावस्था): मासिक धर्म का समय ना होने पर भी पेट में गंभीर दर्द होने के पीछे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी भी एक कारण हो सकती है। इस दौरान फर्टिलाइज्ड एग फैलोपियन ट्यूब को छोड़ नहीं पाता, लेकिन उसका बढ़ना जारी रहता है। इसके अन्य लक्षणों में योनि से खून बहना, मतली और उल्टी शामिल हैं।

ईटिंग डिसऑर्डर: सबसे आम ईटिंग डिसऑर्डर में बुलिमिया और एनोरेक्जिया में शामिल हैं। अगर किसी महिला को ईटिंग डिसऑर्डर है तो उसको अनियमित मासिक धर्म की समस्या हो सकती है या फिर उनके पीरियड्स पूरी तरह रुक सकते हैं। ऐसी स्थिति में महिला को एबडॉमिनल क्रेम्प हो सकता है।

एंडोमेट्रियोसिस: एंडोमेट्रियोसिस महिलाओं में होने वाली एक समस्या है जिसके दौरान गर्भाशय के अंदर बढ़ने वाले ऊतक गर्भाशय के बाहर भी बढ़ने लगते हैं। इसके कारण महिला के पेट में गंभीर दर्द हो सकता है। यह पीरियड्स आने के एक या दो हफ्ते पहले ही शुरु हो सकता है।

सर्वाइकल स्टेनोसिस: सर्वाइकल स्टेनोसिस एक अवस्था है जिसके दौरान सर्विक्स का मुख पतला हो जाता है। इसके कारण पीरियड्स के दौरान होने वाली ब्लीडिंग का फ्लो रुक जाता है जिससे महिलाओं को दर्द होता है। इस अवस्था के कारण महिलाओं को अनियमित मासिक धर्म की समस्या भी हो सकती है।