आपका पार्टनर भी हो रहा है चिंता विकार का शिकार? तो जान लें कैसे करनी चाहिए अपने साथी की देखभाल
September 10th, 2020 | Post by :- | 171 Views

कई बार हम ऐसे लोगों के साथ होते हैं जो एक चिंता की स्थिति से गुजर रहे होते हैं। ऐसे ही हर कोई किसी ऐसे व्यक्ति के साथ रिश्ते में होता है जो चिंता से निपट रहा है, ये एक चुनौती हो सकती है। इस स्थिति में आपका पार्टनर भी हो सकता है जिससे निपटने के लिए आपको इससे जुड़ी सभी जानकारियां जानना जरूरी होता है। अमेरिका में चिंता और अवसाद एसोसिएशन ( Anxiety and Depression Association of America) के अनुसार, 40 मिलियन वयस्कों और 18 साल या उससे ज्यादा की आबादी या लगभग 18 प्रतिशत आबादी को प्रभावित करते हुए चिंता विकार संयुक्त राज्य में सबसे आम मानसिक बीमारी है। हालांकि इससे भी ज्यादा आश्चर्यजनक यह है कि चिंता विकार अत्यधिक इलाज के योग्य हैं।

इलाज के बाद भी पीड़ितों में से केवल 37 प्रतिशत को ही इससे निपटने के लिए पूरा इलाज मिल पाता है जिसकी उन्हें जरूरत होती है। इसके अलावा एक समस्या ये भी है कि लोग अक्सर यह नहीं समझते हैं कि वे चिंता के रूप में क्या कर रहे हैं। यहां तक कि इससे पीड़ित शख्स मदद मांगने में भी शर्म महसूस कर सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि अगर आप किसी ऐसे पार्टनर के साथ है जिसे चिंता विकार है तो आपको उन टिप्स औ उनके साथ कैसे रहना है इस बारे में जानकारी होनी चाहिए। तो आइए जानते हैं इस तरह के पार्टनर के साथ कैसे रहना चाहिए।

पार्टनर को सुनें और समझें

हर किसी को अपनी भावनाओं को रिलीज करने की जरूरत होती है। आप अपने साथी को वेंट करने या समझाने की सुरक्षित जगह देते हैं कि वे क्या महसूस कर रहे हैं। चिंता से पीड़ित किसी भी व्यक्ति को या अपने पार्टनर को इस स्थिति में देख आप उन्हें सुनने या समझने की कोशिश करें। आपको बता दें कि सुनना एक सबसे बड़ा उपहार है जिसे हम दूसरे मानव को दे सकते हैं, चाहे उस शख्स में चिंता शामिल हो या न हो। जब आप सही मायने में सुनते हैं कि आपका साथी क्या कह रहा है और समझे कि उनकी चिंता कहाँ से आ रही है, तो आप उनके अनुभव का बेहतर अंदाजा लगा सकते हैं और आप उनकी हर मोड़ पर सहायता कर सकते हैं।

सोच समझ कर फैसला लें

चिंता एक समय तक आम है लेकिन हद से ज्यादा इसका शिकार होने पर ये किसी को पागल महसूस करा सकती है। वे उन विचारों और भावनाओं का अनुभव कर रहे हैं जिससे वे परेशान हो सकते हैं, खासकर अगर ये नई भावनाएं हैं। इन विचारों को किसी और के साथ साझा करना उस व्यक्ति को निर्णय के लिए अविश्वसनीय रूप से कमजोर महसूस करवाता है। आपके साथी के बारे में चिंतित होने की वैधता पर अनजाने में निर्णय लेने से न केवल खतरा है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का एक अच्छा तरीका है कि वे आप पर भविष्य में कितना विश्वास और आपके साथ सुरक्षित महसूस कर सकते हैं।

आपके पार्टनर को धैर्य की जरूरत है

धैर्य एक अच्छी आदत है, चिंता का अनुभव करने वाले व्यक्ति के लिए एक अच्छा साथी होने के लिए जरूरी है। चिंता के कारण कई लोगों को गुस्सा आता है तो कई लोग जल्दबाजी में आकर गलत फैसला या काम करते हैं। लेकिन आप अपने पार्टनर को सही तरीके से समझाते हुए उन्हें किसी भी बात पर फैसला लेने से पहले उन्हें धैर्य सिखाएं।

दोषी महसूस न होने दें

चिंता या तनाव के कारण ज्यादातर लोग किसी भी मामले में खुद को दोषी ठहराने लगते हैं। ये तनाव या चिंता विकार की एक आम आदत है। लेकिन आपको इस दोषी महसूस करने वाली स्थिति को टालना है और अपने पार्टनर को ये समझाने की कोशिश करनी है कि अच्छा या बुरा समय हर किसी के साथ आता है और हमे उनसे लड़ने की जरूरत होती है। आप उन्हें ये समझाएं कि वो किसी भी चीज के दोषी नहीं हैं।