कितनी हो रिश्ते में ईमानदारी की लिमिट? – Love Romance
September 20th, 2020 | Post by :- | 151 Views

आप किसी रिश्ते से बाहर निकल चुकी हैं. आपकी ज़िंदगी में प्यार ने दोबारा एंट्री कर ली है. बहुत संभव है कि प्यार की नज़दीकी पलों में अपने साथी के सामने अपने पूर्व प्रेमी का ज़िक्र करने की बात पर आपका मन डोल जाए. पर इस दरवाज़े को खोलने से पहले दोबारा सोचें. और रखें इन तीन बातों का ध्यान.

पहली बात: ख़ुद से पूछें कुछ सवाल, उससे भी ज़रूरी उनके दें ईमानदार जवाब
आप ख़ुद से कुछ ज़रूरी सवाल पूछें, मसलन-हर बात का खुलासा करना ज़रूरी है क्या? हो सकता है आपके अंदर से आवाज़ आए,‘मुझे नहीं लगता कि साथी को पूर्व प्रेमी या पूर्व संबंधों के बारे में बताने की कोई ज़रूरत है.’ वैसे भी यह निर्णय इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपका साथी इस मामले में कितने खुले विचारों का है. दूसरा सवाल, आपको कैसा लगेगा, जब आपका साथी अपनी पूर्व प्रेमिका से अपने रिश्ते की डीटेल्स बताएगा, ख़ासकर सेक्स संबंधी? क्या आप इसमें सहज महसूस करेंगी? आप जितने भी खुले विचारों की हों, ये बातें दिमाग़ के किसी कोने में अपनी स्थाई जगह बना लेती हैं. आपका साथी भले ही अपना पास्ट बताकर भूल जाए. आपके मन में लगातार, जाने अनजाने उसके साथ अपनी तुलना चलती रहेगी. आपका साथी चाहे जितने दावे करे कि आपके अतीत के रिश्ते के बारे में जानने से उसे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा, लेकिन कहीं न कहीं उसका अहं आड़े आएगा और रिश्ते में दरार आ जाएगी. और यदि कोई व्यक्ति हमें अपने वर्तमान में स्वीकार कर रहा है तो उसे इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि हमारा अतीत कैसा था. जिसके साथ हैं, उसके साथ पूरी ईमानदारी बरतते हुए पास्ट पर पर्दा डाल दें. न तो अपनी ओर से अपने अतीत के बारे में डीटेल में बताने की सोचें और न ही साथी की पूर्व प्रेमिका के बारे में जानने की इच्छा जताएं. सामान्य जानकारी दे दें, जैसे-फ़ला व्यक्ति को कुछ समय के लिए डेट किया था. बस उसके आगे गड़े मुर्दे उखाड़ने से क्या फ़ायदा?

दूसरी बात: यदि पास्ट में असुरक्षित संबंध बने हों तो अपना हेल्थ चेकअप ज़रूर कराएं
अब तक दो बातें तो क्लीयर हो गईं, पहली-आप दावा नहीं कर सकतीं कि आपका साथी खुले विचारों का है. और दूसरी- नई शुरुआत करने का यह मतलब नहीं है कि पास्ट के रिलेशन के बारे में एकदम डीटेल में जाकर बात की जाए. ज़माना आज का हो या पहले का, जीवन को खुली किताब की तरह सबके सामने खोलकर रखनेवाले को बेवकूफ़ से ज़्यादा कुछ नहीं समझा जाता. ख़ुद को मौजूदा प्रेमी या पति के सामने खोल देने से बड़ी बेवकूफ़ी भला क्या होगी? इस बात की सबसे अधिक संभावना है कि यदि आप अपने पास्ट के बारे में सबकुछ बताएंगी तो हो सकता है कि जब तक़रार हो तो वो इन बातों का आपके ख़िलाफ़ इस्तेमाल करे. बेहतर होगा कि बीती बातों को दिमाग़ से निकाल दें. हम कोई ऐसा पैमाना नहीं बना सकते कि हमें किस हद तक खुलासा करना है. बातों का ज़रूरत से ज़्यादा खुलासा करने से आप अपने लिए एक ऐसा भूत तैयार कर लेंगी, जो आपको भविष्य में कभी-भी डराकर परेशान कर सकता है.
हां, यहां आप दोनों को इतनी ईमानदारी दिखानी चाहिए कि यदि आप में से किसी ने भी असुरक्षित संबंध बनाए हों तो ये बात ज़्यादा महत्वपूर्ण है कि एचआईवी परीक्षण करवाएं. फिर प्रतिबद्धता की मांग सिर्फ़ यही होती है कि हम अपने वर्तमान को बांटें, न कि अतीत को.

तीसरी बात: अगर फिर भी मन न मान रहा हो तो इस बारे में शुरू में ही बात कर लें
आप ईमानदारी के साथ नई शुरुआत करना चाहती हैं. सेक्स संबंधी अतीत के बारे में बात करना आपको ज़रूरी लगता है तो ये बातचीत शुरू में ही कर लें, ताकि भविष्य में आनेवाली समस्याओं से बचा जा सके. हालांकि यह बात आपके साथी और सेक्स संबंधी अतीत पर निर्भर करती है. आप दोनों आपस में तय करें कि क्या आप एक-दूसरे को अतीत के बारे में बताना चाहते हैं. पर इन बातों को बांटने का नुक़सान ये होगा कि आपका साथी इसका इस्तेमाल आप पर आरोप लगाने, आपको ठेस पहुंचाने और रिश्ते को ख़त्म करने के लिए भी कर सकता है. वो इन जानकारियों को लेकर आपके प्रति मन में नाराज़गी भी पाल सकता है. और यदि आपने अपने पूर्व प्रेमी से संबंध ख़त्म ही कर दिए हैं तो इस बारे में अपने साथी को बताने की कोई ज़रूरत नहीं है. फिर भी आपका दिल गवाही न दे रहा हो तो शुरू में ही सबकुछ क्लीयर कर लें. और यह बात भी समझ और समझा दें कि आगे इस बारे में कोई बात नहीं होगी. ख़ासकर, जब आप दोनों के आपसी झगड़े हों तब. ख़ैर, यह तो कुछ इस तरह है कि हथियार देकर उनका इस्तेमाल न करने के लिए कहा जाए. पर बात आपके ज़मीर की है तो फ़ैसला आपको ही करना है. वैसे दिल की सुनने में कोई बुराई नहीं है. यह क्वॉलिटी थोड़ी रेयर हो गई है, पर सच्चे लोगों की क़दर तो ज़माना हमेशा से करता रहा है. तो डरिए मत, दिल खोल दीजिए. जो होगा, अच्छा ही होगा.