आदतें जो आपके रिश्ते को नुक़सान पहुंचा सकती हैं #news4
April 27th, 2022 | Post by :- | 41 Views

शादी से पहले 28 वर्षीया राशि* और 31 वर्षीय इन्वेस्टमेंट बैंकर संकल्प वोहरा के रिश्ते में काफ़ी ऊर्जा थी. ज़िंदगी बिल्कुल सही चल रही थी-आकर्षक हनीमून, दोस्तों और परिवारवालों के साथ ढेरों डिनर्स और हर दूसरी रात पार्टी. लेकिन सारा उत्साह पहले चार महीनों में ही ख़त्म होने लगा. राशि को इसकी वजह समझ नहीं आ रही थी, लेकिन वह अक्सर चिड़चिड़ी-सी और ख़राब मूड में रहती. संकल्प ने भी राशि से दूरी बना ली थी. डॉ रचना के सिंह, क्लीनिकल सायकोलॉजिस्ट और लाइफ़ कोच, आर्टेमिस, गुड़गांव, इस बात की पुष्टि करती हैं कि ऐसे कई जोड़े हैं, जो शादी के कुछ महीनों बाद ही उनके पास काउंसलिंग के लिए आते हैं. ‘‘कई मामलों में एक साथी दूसरे से उसकी खीझ दिलानेवाली आदत की वजह से तलाक़ लेना चाहते हैं. हालांकि, ऐसे मामलों में अच्छी बात यह रहती है कि जोड़े अपनी आदतों में सुधार लाने के लिए तैयार रहते हैं, क्योंकि मामला बहुत गंभीर या दुर्व्यवहारपूर्ण स्थिति तक नहीं पहुंचा होता है,’’ कहती हैं डॉ रचना. इस तरह की छोटी-मोटी नोंकझोंक को झगड़े का रूप लेने देने से पहले ही ख़त्म करने के लिए हम कुछ बातें बता रहे हैं, जिनसे आपको मदद मिलेगी.

बाल की खाल निकालनेवाला
क्या आप ज़्यादातर समय समस्याओं को सुलझाने के बजाय उसकी शिकायत करने में ख़र्च करते हैं? यह आपकी शादी टूटने की वजह बन सकता है. वाय मैरिजेस सक्सीड ऑर फ़ेल के लेखक जॉन गोटमैन ने 2,000 शादीशुदा जोड़ों पर दो दशकों तक अध्ययन किया. उन्होंने पाया कि उपेक्षा, आलोचना और रक्षात्मक रवैय्ये का नतीजा अंततः तलाक़ होता है. आप दोनों में कोई न कोई मतभेद होता ही रहेगा. आप इन मतभेदों को किस तरह सुलझाते हैं, इस पर आपके रिश्ते का भविष्य निर्भर करेगा. बात रखने का अपना लहज़ा और समय दोनों जांचें. उनकी ग़लती निकालने से पहले बुनियादी नियमों का पालन करें, जिनसे आपसी इज़्ज़त और विश्वास झलकता हो. उनमें ख़ामियां हो सकती हैं, इस बात को स्वीकारते हुए आगे की राह बनाएं. यही रिश्ते को आगे बढ़ाने का सबसे सेहतमंद तरीक़ा है. हो सकता है यह आपके लिए बहुत आसान न हो, लेकिन निश्चित तौर पर आपको इन प्रयासों का फल मिलेगा.

चुप्पी की चुभती राह
नाराज़गी तब और बढ़ जाती है, जब आप उसे दबाकर रखते हैं. अपने विचारों या असहमति को अभिव्यक्त करने का सबसे सही तरीक़ा है बात करना. ‘‘जब आप अपनी ज़रूरतों की बात कर रहे हों तो अस्पष्ट न रहें. साफ़ और सीधे कहें,’’ कहती हैं डॉ रचना. अच्छा श्रोता बनना भी बहुत ज़रूरी है. आपको अच्छा लगता है जब वे आपकी बात सुनते हैं तो यही उनके साथ भी किया जाना चाहिए.

अरुचिपूर्ण संबंध
यदि आप एक-दूसरे की सेक्शुअल पहल को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं तो आपकी शादीशुदा ज़िंदगी मुश्क़िल में है. अंतरंगता रिश्ते को बनाए रखती है. पुलकित शर्मा, सायकोलॉजिस्ट, दिल्ली कहते हैं,‘‘जब आप एक-दूसरे को लगातार कोसते और आपस में झगड़ते रहते हैं तो आप अंतरंगता बढ़ाना बंद कर देते हैं. रोमैंस की आग को फिर से सुलगाने के लिए आप दोनों को एक-दूसरे के बारे में अच्छा महसूस करना होगा.’’ जिस भी चीज़ ने आप दोनों को पहली बार में ही आपके पार्टनर की ओर आकर्षित किया था, उस पर ध्यान केंद्रित करें.

शादीशुदा ज़िंदगी और आवारगी
सोशल मीडिया, फ़ूड, अल्कोहल की लत या नए व्यक्ति की ललक आपके रिश्ते के लिए ख़राब साबित हो सकती है. यदि आपको कुछ करते समय ऐसा लगता है कि आप अपने पति को धोखा दे रही हैं तो समय आ गया है उस ओर ध्यान देने का. ‘‘मामले को गंभीरता से लें और जांचें कि किस तरह यह लत आपके रिश्ते पर असर डाल रही है. इससे आपको अपने महत्व की चीज़ों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी और आप अपनी शादी को बनाए रखने केलिए प्रोत्साहित महसूस करेंगी,’’ कहते हैं पुलकित.

आलस और नीरसता की जोड़ी
समय के साथ हम एक-दूसरे को जानने-समझने की ऐसी स्थिति में पहुंच जाते हैं, जब हम अपने लुक पर ध्यान देना बंद कर देते हैं. यह सच है कि यदि आपका पार्टनर आपको सच्चा प्यार करता है तो उसे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा, फिर आप चाहे जैसी दिखें. लेकिन यदि आप अच्छी तरह तैयार नहीं हो रहीं या एक-दूसरे के लिए सबसे बेहतरीन दिखने की चाह नहीं रखतीं तो इसका मतलब है कि आपका जुनून ठंडा हो चुका है. डॉ रचना कहती हैं,‘‘एक साथ काम करने या किसी क्लासेस में साथ जाने या एक साथ किसी चीज़ में हिस्सा लेने से आपके रिश्ते में मज़बूती आ सकती है.’’

यह कभी न कहें

‘‘मा़फ करना, क्या कहा तुमने?’’
किसी गंभीर बातचीत के बीच यह कहना दिखाता है कि आप उनकी बात पर ध्यान नहीं दे
रहे थे.

‘‘तुम ज़्यादा ही प्रतिक्रिया दे रहे/रही हो!’’
हर कोई मानता है कि उसकी भावनाएं बिल्कुल तर्कसंगत हैं. अतः यह सुनना आपके पार्टनर को कमतर दिखाएगा.

‘‘तुम बिल्कुल तुम्हारी मां जैसे/जैसी हो.’’
फिर आप चाहे जितना ही उनकी मां से नफ़रत करती हों, उन्हें यह बताना कि वे उनकी तरह हैं, वह भी तब जब वे बहुत ख़राब ढंग से पेश आ रहे हों, रिश्ते को तबाह करने जैसा है.

‘‘यदि तुमने मुझसे सचमुच प्यार किया होता तो तुमने…’’
आपके पार्टनर को अपना प्यार जताने के लिए किसी भी प्रकार का दबाव महसूस नहीं करना चाहिए. ऐसा बिल्कुल भी न कहें.

‘‘मुझे तलाक़ चाहिए.’’
भले ही आपका ऐसा कोई इरादा न हो, पर ऐसा कहकर आप केवल अपने पार्टनर की असुरक्षा की भावना को बढ़ावा दे रहे हैं.

*आग्रह पर नाम बदले गए हैं