अपनी दोस्त को कैसे बताएं कि उसका बॉयफ्रेंड ग़लत कर रहा है? #loveromance
May 5th, 2022 | Post by :- | 48 Views

यदि आपने अपनी सबसे अच्छी दोस्त के बॉयफ्रेंड को कुछ ग़लत करते पाया तो क्या आप अपनी दोस्त को इसके बारे में बताएंगी? यदि आप भी ऐसे ही पशोपेश में हैं तो यह आलेख आपके लिए ही है. यहां साइकोलॉजिस्ट्स और एक महिला इस बात पर अपना-अपना मत रख रहे हैं.

‘इस ग़लत की परिभाषा क्या है?’
मंजुला आर, साइकोलॉजिस्ट
‘‘सबसे पहले तो बुरे या ग़लत की परिभाषा तय करनी होगी. फिर यदि मुझे लगता है कि इससे रिश्तों को नुक़सान पहुंचेगा तो मैं अपनी दोस्त और उसके बॉयफ्रेंड दोनों से ही बात करूंगी. पहले उसके बॉयफ्रेंड से बात करना ज़्यादा ज़रूरी है, ताकि उसे कह सकूं कि तुम्हें उसके सामने अपनी ग़लती स्वीकारनी चाहिए. यदि वह ख़ुद अपनी ग़लती स्वीकारेगा तो मेरी दोस्त के मन को कम ठेस पहुंचेगी. वह यह निर्णय बेहतर ढंग से ले सकता है कि इस सच को उसके सामने कैसे रखना है. इसमें कोई शक़ नहीं कि इसके बाद नाराज़गी और निराशा का दौर आएगा, तब मैं हस्तक्षेप करूंगी. मैं अपनी दोस्त से कहूंगी कि वो बिना आलोचना किए अपने बॉयफ्रेंड की पूरी बात सुने. कोई भी निर्णय लेने से पहले यह बहुत महत्वपूर्ण है कि वो उसकी बात सुने. हमें ये समझना चाहिए कि जब कोई सच बोलने का निर्णय लेता है तो भले ही वो सच कितना भी दुखद हो, पर उस व्यक्ति के लिए इसे स्वीकारना भी बहुत मुश्क़िल काम रहा होगा. अंतत: यदि दोनों अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने के इच्छुक हैं तो यक़ीनन ये रिश्ता और मज़बूत हो जाएगा.’’

‘यदि वो स्वीकार नहीं करेगा तो मैं बात करूंगी’
मृणालिनी रवि, साइकोलॉजिस्ट
‘‘ओह! क्या मैं अपनी दोस्त के बॉयफ्रेंड को कुछ ‘ग़लत’ करते पाऊं तो उसे बता सकती हूं? मैं ऐसा थोड़े प्रोफ़ेशनल ढंग से करूंगी-ये परिस्थितियों पर निर्भर करेगा, क्योंकि ऐसी स्थितियां पेचीदा होती हैं. फिर ऐसा करते समय मैं मेरी दोस्त और उसके बॉयफ्रेंड व मेरे और मेरी दोस्त के बीच के रिश्तों का विश्लेषण भी करूंगी. यदि मैंने उसे रंगे हाथों पकड़ा है तो मैं साफ़ कर दूंगी कि अब या तो वो इस ग़लती को सुधारने के क़दम उठाए अन्यथा मैं उठाऊंगी. यदि मैं उसके बॉयफ्रेंड को अच्छी तरह नहीं जानती हूं और मुझे पता है कि उसकी इस ग़लती से मेरी दोस्त को बहुत दुख पहुंचेगा तब तो मेरी दोस्त से इस बारे में बात करना और भी ज़रूरी हो जाएगा. साथ ही, ये बात भी ध्यान में रखनी होगी कि जिसे मैं ‘ख़राब’ और माफ़ी न देने लायक समझती हूं वो बात मेरी दोस्त की नज़रों में क्षणिक भटकाव की घटना मात्र भी हो सकती है. अत: हो सकता है कि मैं सही हूं, पर मुझे ध्यान रखना होगा कि आवेश में आकर यदि मैंने कुछ भी कह दिया तो मेरी और उसकी दोस्ती में दरार भी आ सकती है.

‘उसे ये बात मालूम तो पड़नी ही चाहिए.’
प्रिया जॉर्ज, बिज़नेस डिवेलपमेंट मैनेजर
‘‘यदि मैं अपनी दोस्त के बॉयफ्रेंड को कुछ ऐसा करते हुए पाती हूं, जिसकी स्वीकृति वो कभी नहीं देगी तो मैं उसे इस बारे में ज़रूर बताऊंगी. केवल इसलिए कि वो मेरी दोस्त है और मैं उसे हमेशा ख़ुश देखना चाहूंगी. मेरी दोस्त के प्रति मैं वफ़ादार रहूंगी, पर जीवन में कुछ चीज़ें दोस्ती से भी ज़्यादा ज़रूरी होती हैं. यदि उसका पार्टनर धोखेबाज़, बेईमान व झूठा है या फिर किसी अनैतिक काम में लिप्त है, जिससे मेरी दोस्त भावनात्मक रूप से आहत हो सकती है तो मैं निश्चित रूप से उसे इसके बारे में बताऊंगी, ताकि वो इस रिश्ते को तोड़कर आगे बढ़ जाने का फ़ैसला ले सके. पर मैं अपनी दोस्त को अपने पार्टनर से बात करने के लिए भी कहूंगी और यदि वह इस अनैतिक काम से बाहर निकलना चाहता है तो उन दोनों की मदद करने की कोशिश करूंगी. लेकिन ऐसा तभी करूंगी, यदि वो बदलना चाहे और मेरी दोस्त के साथ अपना रिश्ता क़ायम रखना चाहे. इसके लिए उसे अपनी तमाम ग़लतियों को सुधारते हुए अपनी छवि बेदाग़ बनानी होगी. यदि वो ऐसा करने तैयार नहीं है तो मैं अपनी दोस्त को यह रिश्ता तोड़कर जीवन में आगे बढ़ जाने की सलाह दूंगी.’’