यूं शादी के बाद भी बना रहेगा भाई-बहन का प्यार #loveromance
May 5th, 2022 | Post by :- | 45 Views

यदि आपके भाई या बहन हैं तो आपने वह ख़ास तरह का प्यार, सुरक्षा कवच, नाराज़गी और जलन की मिलीजुली भावनाएं ज़रूर महसूस की होंगी. हम इसके लिए आप दोनों के जीन्स को भी दोष नहीं दे सकते. क्योंकि जेनेक्स डाइग्नॉस्टिक्स सियाटेल की एक रिसर्च के अनुसार, आप अपने भाई-बहन के साथ केवल 50 प्रतिशत जीन्स ही साझा करते हैं. यह बॉन्ड सालों के साथ के बाद बनता है और यह आपके फ़िंगरप्रिंट की तरह अनूठा बन जाता है, जिसे मिटाया नहीं जा सकता. बावजूद इसके यह रिश्ता भी कभी-कभी तनाव से गुज़र सकता है, कई बार विवाह जैसे ख़ुशी के मौक़ों पर भी. भाई-बहन शारीरिक दूरी या बढ़ती ज़िम्मेदारियों की वजह से दूर हो सकते हैं. डॉ रचना के सिंह, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और लाइफ़ कोच, आर्टेमिस हॉस्पिटल, गुड़गांव कहती हैं,‘‘आजकल हम छोटे परिवार में रहते हैं. लेकिन यह बहुत ज़रूरी है कि हम अपने भाई-बहनों से संपर्क बनाए रखने की कोशिश करें. आप इस रिश्ते को अपनी सुविधानुसार नहीं ले सकते हैं.” यहां हम इस बारे में बता रहे हैं कि आप में से किसी एक की शादी होने के बावजूद किस तरह अपने रिश्ते को मज़बूत बनाए रख सकती हैं.

बातचीत करती रहें
यदि लंबे अर्से से आप दोनों के बीच अच्छी बातचीत नहीं हुई हो तो आप वहीं से शुरुआत कर सकती हैं, जहां आपने छोड़ा था. यह एक क़ीमती रिश्ता है, जिस तरह आपको अपनी दोस्तों या माता-पिता के साथ रिश्ता बनाए रखने के लिए बहुत कोशिश करने की ज़रूरत नहीं होती, उसी तरह यह रिश्ता भी बहुत मेहनत की उम्मीद नहीं करता. डॉ सिंह बताती हैं,‘‘जैसे ही आपका जीवनसाथी आपकी ज़िंदगी में आता है, वैसे ही आपका ध्यान धीरे-धीरे पूरी तरह से नए रिश्ते की ओर चला जाता है. ऐसे में जो रिश्ता पीछे छूट गया है वह उपेक्षित महसूस कर सकता है. इसे ठीक करने की दिशा में पहला क़दम है, अपने भाई-बहनों से बार-बार बात करती रहें.”
यदि आप या आपकी बहन किसी दूसरे देश में शिफ़्ट हो गए हों तो सोशल मीडिया या चैट्स के ज़रिए जुड़ी रहें. आपकी बहन के साथ का आपका रिश्ता आपका अपना कम्फ़र्ट ज़ोन है, इसे छूटने न दें.

मुलाक़ात को बढ़ावा दें
इसमें कोई शक़ नहीं कि आमने-सामने बैठकर बातचीत करने से हम साफ़-साफ़ अपनी भावनाएं कह सकते हैं और वह भी बिना किसी ग़लतफ़हमी के. अतः अपने भाई-बहन से मिलने का समय निकालें.
डॉ सिंह सलाह देती हैं,‘‘यदि आप दोनों एक ही शहर में रहते हैं तो हर सप्ताह मिलने की कोशिश करें. आप दोनों किसी हॉबी को सीखने के लिए साथ में जा सकते हैं. पता करें कि आपके भाई या बहन की ज़िंदगी में क्या चल रहा है. या फिर कुछ ऐसा करें, जिससे बचपन की यादें ताज़ा हो जाएं, जैसे-एक साथ फ़िल्म देखना या शॉपिंग पर साथ में जाना. एक-दूसरे की वॉर्डरोब में से चीज़ें ले और दें.” ऑफ़िस और परिवार के बारे में ढेर सारी बातचीत करें. अपने बचपन की यादों को ताज़ा कर आप अपने रिश्ते में नई ऊर्जा ले आ सकते हैं.

दायरे को बढ़ाएं
धीरे-धीरे अपने पार्टनर को भी अपने भाई-बहन के रिश्ते में शामिल करना शुरू करें. यह आपके पार्टनर और भाई-बहन दोनों को ही एक-दूसरे के साथ सहज होने का मौक़ा देगा. कॉफ़ी या खाने पर मिलना-जुलना शुरू करें. पुलकित शर्मा, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, दिल्ली, कहते हैं,‘‘पार्टनर को अपने बचपन की यादों की बातचीत में शामिल करना बहुत ज़रूरी है. यह भाई-बहन के बीच की मज़बूती और एकता को बनाए रखने के प्रति उन्हें प्रोत्साहित करता है. इसके अलावा उन्होंने जिस इंसान से शादी की है, उसके बारे में भी अच्छी जानकारी देता है.” जहां तक बात भाई-बहनों की है तो उन्हें कपल के निजी स्पेस का ख़्याल रखना चाहिए. अपने पार्टनर पर अपने भाई-बहन के साथ परिवार की तरह पेश आने और घूमने-फिरने के लिए ज़ोर न डालें. उनके मन को टटोलकर ही उन्हें भाई-बहन के बीच लाएं. यदि आपके बिना भी आपका साथी और आपके भाई-बहन एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं तो इसका मतलब है चीज़ें सही दिशा में बढ़ रही हैं.

झगड़कर कुछ न कहें
द सिबलिंग इफ़ेक्टः वॉट द बॉन्ड्स अमंग बद्रर्स ऐंड सिस्टर्स रिवील अबाउट अस के लेखक जेफ्री क्लूगर अपनी किताब में लिखते हैं,‘‘असल में जो भाई-बहन बचपन में एक-दूसरे से ख़ूब लड़ते थे, संभवतः बड़े होने के बाद वे ज़्यादा क़रीब हो सकते हैं-और भावनात्मक रूप से बहुत जुड़ाव रखनेवाले भी. और वे अक्सर पिछली लड़ाइयों को याद कर, उनसे उन्होंने क्या सीखा था, इस पर भी चर्चा कर सकते हैं.’’ कुछ झगड़े बड़े होने पर भी जारी रह सकते हैं, लेकिन अपने पार्टनर से इसकी बहुत ज़्यादा शिकायत न करें. चूंकि आपके पार्टनर आपका ही पक्ष लेंगे और आपकी वक़ालत भी कर सकते हैं. यह मामले को और भी बिगाड़ सकता है और आपको अपने भाई-बहन से और दूर कर सकता है. यदि आपको भाई-बहन से कोई समस्या है तो अपने स्तर पर उसे सुलझाने की पूरी कोशिश  करें, इसे अपने नए घर तक न ले जाएं.

उन्हें घर बुलाएं
भाई-बहनों के साथ रिश्ता बनाए रखने के लिए सबसे मज़बूत कड़ी हैं आपके माता-पिता. कभी-कभार पारिवारिक छुटि्टयों की योजना बनाएं. डॉ सिंह कहती हैं,‘‘परिवार के साथ छुटि्टयों पर जाने से आपके बचपन की यादें ताज़ा हो जाती हैं. इससे आपके माता-पिता और भाई-बहन दोनों के साथ आपकी नज़दीकियां बढ़ेंगी.’’
आपके पार्टनर इन छुटि्टयों का हिस्सा बनना चाहते हैं या नहीं, इसपर उनकी इच्छा का सम्मान करें. कोशिश करें कि जब आपके पति कहीं बाहर गए हों या व्यस्त हों, तब छुटि्टयों की योजना बनाएं. इस तरीक़े से वे उपेक्षित भी महसूस नहीं करेंगे. लेकिन हमेशा उन्हें अपनी पूरी योजना बताएं, ताकि यदि उनकी इच्छा हो तो वे इसमें शामिल हो सकें.