किशोरावस्था में बच्चों का रखें विशेष ध्यान, अपने व्यवहार में लाए बदलाव #loveromance
April 19th, 2022 | Post by :- | 52 Views

गाहे-बगाहे हमें समाचार पत्रों में यह पढऩे को मिल जाता है कि फलां बच्चे या बच्ची ने आत्महत्या कर ली। इन समाचारों में कहीं भी इस बात का कोई जिक्र या चर्चा नहीं होती है कि आखिर क्योंकर के बच्चों ने ऐसा कदम उठाया। मनोचिकित्सकों का कहना है कि किशोरावस्था ऐसी होती है जब बच्चों में न सिर्फ शारीरिक बदलाव आता है अपितु उनका मानसिक विकास भी तेजी से होने लगता है जिसके चलते उनके मन मस्तिष्क में कई तरह के सवाल जवाब चलते हैं। ऐसे हालातों में अक्सर बच्चों का व्यवहार न सिर्फ अपने घरवालों से अपितु अपने समस्त परिचितों से बदल जाता है। इस तरह के हालातों में माता-पिता को बच्चे के मन की बातें जानने के लिए धैर्य के साथ जतन करने चाहिए। बच्चों की चुप्पी माता-पिता को सोचने पर मजबूर कर देती है।

आज खास खबर डॉट कॉम आपके लिए कुछ ऐसी बातें लेकर आया है, जिनकी मदद से हो सकता है आपको अपने किशोरावस्था में चल रहे बच्चों को समझने में मदद मिले। आइए डालते हैं एक नजर उन पर—

बच्चे को डांटें-फटकारें नहीं, दूसरों से तुलना न करें

छोटा बच्चा माता-पिता से हर बात शेयर करता है, लेकिन अक्सर हम माता-पिता उसे झिडक़कर या डांटकर चुप करा देते हैं। नतीजतन बच्चा हमसे बातें छुपाने लगता है। धीरे-धीरे वह दूरी बनाना शुरू कर देता है। कई बार यह देखा जाता है कि हम अपने बच्चे की तुलना दूसरे बच्चों से करने लगते हैं, जो सही नहीं है। हर बच्चे की क्षमता और सामथ्र्य अलग-अलग होती है। माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि ज्यादा तारीफ और ज्यादा आलोचना दोनों ही बच्चे के लिए ठीक नहीं हैं। माता-पिता का यह कत्र्तव्य है कि उनमें जितनी योग्यता और क्षमता है, उसे निखारने में उनकी मदद करें। उन्हें एहसास कराएं कि वे हर पल उनके साथ हैं।

असीमित उम्मीदें, अधूरी इच्छाओं को पूरा करने का जरिया

जैसे-जैसे बच्चे बड़े होने लगते हैं, माता-पिता की उम्मीदें भी बढऩे लगती हैं। ऐसे में अक्सर वे अपनी अधूरी इच्छाओं को बच्चों के जरिये पूरा करना चाहते हैं। बच्चे जब उन उम्मीदों को पूरा नहीं कर पाते हैं, तो वे अपने और माता-पिता के बीच दूरी बनाने लगते हैं। यहीं से शुरू होता है संवादहीनता का सिलसिला। अगर आपका बच्चा भी चुप रहने लगे, तो आप उससे कोई उम्मीद न करें, बल्कि उस दूरी को कम करने की कोशिश करें।